
INDIAN FISHERMEN: पत्रिका की खबर पर संज्ञान, संसद के शून्यकाल में उठेगा मुद्दा
सूरत. आखिर वो संदेश पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से आ ही गया जिसका दो माह से मछुआरे नानु के परिजन इंतजार कर रहे थे। 3 फरवरी को पाकिस्तान स्थित कराची में मृत भारतीय मछुआरे नानु राम कमळिया की मृतदेह पांच अप्रेल तक वाघा-अटारी बॉर्डर पहुंचेगी और यह संदेश मिलने के बाद गुजरात मत्स्य विभाग हरकत में आ गया है। मानवीय दृष्टिकोण के इस मामले में राजस्थान पत्रिका ने सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित की हैं।
करीब चार वर्ष पहले मत्स्याटन के दौरान नानु व उसके अन्य पांच साथियों को पाकिस्तान मरीन सिक्युरिटी ने समुद्र में सीमा पार के जुर्म में 9 सितम्बर 2018 को पकड़ लिया था और तब से वह लगातार कराची जेल में बंद थे। इस दौरान गत 3 फरवरी को नानु की हृदयाघात से मृत्यु हो गई, लेकिन उनके परिजनों को नानु की मृतदेह अंतिम संस्कार के लिए दो माह तक नहीं मिल पाई थी। इस संबंध में राजस्थान पत्रिका में छपी खबरों को संज्ञान में लेकर राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने 25 मार्च को संसद के शून्यकाल में इस संवेदनशील मामले को उठाया और उसके बाद भारत सरकार हरकत में आई। राज्यसभा में मामला उठने के सात दिन बाद शनिवार को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से गुजरात मत्स्य विभाग को खबर मिली कि पांच अप्रेल को मृतक नानु राम कमळिया की मृतदेह पाकिस्तान के कराची से अटारी-वाघा बॉर्डर पहुंच जाएगी। इस सूचना के बाद गुजरात मत्स्य विभाग भी हरकत में आ गया है और विभाग का दो सदस्यीय दल सोमवार को अमृतसर के लिए रवाना होगा। दल में पोरबंदर मत्स्य विभाग के अधीक्षक तुषार कोठिया व जखो मत्स्य विभाग सहायक अधीक्षक विशालभाई शामिल है।
-संदेश मिला है, लेने जाएंगे
पाकिस्तान में मृत मछुआरे नानु राम कमळिया की मृतदेह 5 अप्रेल तक कराची से अटारी-वाघा बॉर्डर पहुंचने की जानकारी गुजरात मत्स्य विभाग को मिली है। इस सूचना के मुताबिक मृतदेह लाने के लिए सोमवार को अमृतसर के लिए रवाना होंगे।
तुषार कोठिया, अधीक्षक, मत्स्य विभाग, पोरबंदर
Published on:
02 Apr 2022 07:53 pm
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