22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सैकंड हैंड कार खरीदने जा रहे हैं तो पहले यह खबर पढ़ लें, होगा बड़ा फायदा

चोरी की कारों पर पुरानी नष्ट हो चुकी कारों के नंबर चढ़ा रहे थे शातिर, अन्य राज्यों से चुराए वाहनों को फर्जी नंबर लगाकर बेच रहे रैकेट का पर्दाफाश

2 min read
Google source verification

सूरत

image

Vineet Sharma

Nov 25, 2019

,

patrika

वापी. अगर सैकंड हैंड कार खरीदने का मन बना रहे हैं तो यह आपके लिए एक जरूरी खबर है। दुर्घटना में पूरी तरह नष्ट हो चुकी गाडिय़ों को खरीदकर उनके नंबर चोरी की गई गाडिय़ों पर चढ़ाकर बेचने वाले गिरोह के दो शातिर बदमाशों को एलसीबी ने गिरफ्तार किया है। जबकि दो अभी भी फरार हैं। आरोपियों से पूछताछ के बाद नौ कार जब्त की गई है, जिनमें से ज्यादातर मुंबई से चोरी की गई हैं।

पुलिस अधीक्षक सुनील जोशी ने सोमवार को संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि शनिवार 23 नवंबर को पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर एलसीबी ने सलवाव बिलखाड़ी के पास जीजे 23 एएफ 0040 नंबर कार में जा रहे भावेश मूलजी शेलडिया निवासी सचिन, सूरत को पकड़ा था। उसके पास कार की आरसी बुक समेत कोई वैध दस्तावेज न होने पर गिरफ्तार किया गया। एलसीबी ने आरोपी से पूछताछ की तो पुलिस को कार चोरी कर उसे बेचने के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ।

पूछताछ में मूलत: जूनागढ़ निवासी आरोपी भावेश ने बताया कि वह अपने भाई सुरेश शेलडिया तथा भाई के साले भाविन उर्फ भीखू सावलिया के साथमिलकर जूनागढ़ के मेंदरड़ा में ऑटो गैरेज चलाता है। जिसमें वह रेगुलर वाहनं की आड़ में बेकार तथा दुर्घटनाओं में पूरी तरह नष्ट हो चुकी कारों को बीमा कंपनी तथा कार एजेन्सी से खरीदते थे। साथ में कार के असली कागजात भी प्राप्त करते थे।

नष्ट या बेकार हो चुकी कार के रंग और मॉडल के अनुरुप कार को मुंबई में रहने वाले अपने साथी तौफिक हबीबुल्लाह के माध्यम से कार चोरी करवाते थे। वहीं पर उस चोरी की गई कार के इंजन रजिस्ट्रेशन नंबर पर नष्ट हो चुकी कार नंबर चढ़ा दिया था। जिसके बाद उसे सूरत और उसके बाद जूनागढ़ अपने गैरेज में लाता था। यहां से कार मेला या ग्राहकों को बेचा जाता था।

पुलिस ने जांच की तो जिस कार में आरोपी भावेश को गिरफ्तार किया गया, वह महाराष्ट्र से चोरी की गई थी और उसका असली नंबर एमएच 46 डब्लू 1194 था। यह मुंबई के खारघर पुलिस थाने की हद से चोरी हुई थी। आरोपी से पूछताछ के बाद लक्जरी किस्म की कुल नौ कारें जब्त की गई हैं। उससे पूछताछ के बाद भाविन उर्फ भीखू छगन सावलिया को भी गिरफ्तार किया गया है। जबकि सुरेश शेलडिया और तौफिक हबीबुल्लाह खान निवासी मुंबई को वांछित दिखाया है। पुलिस ने आरोपियों से पूछता छ के बाद जब्त की गई नौ कारों की कीमत 49 लाख रुपए बताई है।

गिरफ्तार आरोपी भावेश शेलडिया इससे पूर्व गुजरात और मुंबई पुलिस द्वारा चोरी के कई मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। वह गैरेज चलाने की आड़ में कार चोरी कर उसका इंजन और चेसिस नंबर बदलकर नष्ट हो चुकी अन्य कार का नंबर चढ़ाकर बेचने में लिप्त रहा है। दोनों आरोपियों को पुलिस 27 नवंबर तक की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।