23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इमाम हुसैन और साथियों की शहादत को किया याद

आसूरा पर निकला ताजिया जुलूस, उमड़ा हुजूम शहर में दिखी कौमी एकता

3 min read
Google source verification

सूरत

image

Sunil Mishra

Sep 21, 2018

patrika

इमाम हुसैन और साथियों की शहादत को किया याद


नवसारी. इमाम हुसैन और उनके साथियों की करबला में शहादत की याद में नवसारी में मुस्लिम समाज ने शोकांजलि अर्पित की। 10वें दिन यानी आसूरा पर उनकी याद में शहर में ताजिया जुलूस निकला गया। गणेशोत्सव के साथ-साथ ताजिया को लेकर शहर में कौमी एकता देखने को मिली। शहर के तय रास्तों से होते हुए सभी ताजिए जूनाथाणा पहुंचे और वहां से पूर्णा नदी में विसर्जित (ठंडे) किए गए। इस दौरान हजारों की संख्या में मुस्लिम और हिन्दुओं ने मन्नतें मांगी।
नवसारी में करीब 1200 वर्षों से ताजिया निकाले जाते हैं। परम्परानुसार शुक्रवार दोपहर दरगाह रोड से मोटी दरगाह का ताजिया पहले निकला। इसके बाद शहर के अन्य मुस्लिम इलाकों से भी कुल 20 बड़े ताजिया निकाले गए, जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए जूनाथाणा पहुंचे। नवसारी नगर पालिका की ओर से विधायक पीयूष देसाई, पालिका अध्यक्ष कांति पटेल समेत अन्य लोगों ने मोटा बाजार स्थित सिटी थाने के समीप मोटी दरगाह के ताजिया पर माल्यार्पण किया। कड़ी दोपहरी में भी शहर के रास्तों पर मुस्लिम धर्मावलंबियों समेत हिन्दू श्रद्धालुओं का हुजूम उमडऩे लगा। शहर में बड़े 21 ताजिया और बड़ी संख्या में छोटे ताजिया निकले। जिला पुलिस ने भी शहर में चुस्त बंदोबस्त रखा था। शांतिपूर्ण वातावरण में ताजिया जुलूस निकला और रात को ताजियों को पूर्णा नदी में ठंडा किया गया।
उधर जिले के बिलीमोरा व गणदेवी शहर में भी ताजिया जुलूस निकले। जिन्हें समीप की नदियों में ठंडा किया गया।

औरंगा नदी में ताजिया किया ठंडा
वलसाड. जिले में मुस्लिम समाज ने मोहर्रम पर शुक्रवार को ताजिया जुलूस निकाला। बाद में ताजिया को औरंगा नदी तट पर ठंडा किया गया। गुरुवार रात कत्ल की रात मनाई गई और मातम मनाया गया। शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने ताजिया का जुलूस शहर के नाना ताइवाड़, शहीद चौक, रेलवे यार्ड समेत कई जगहों से निकाला। बडी संख्या में लोग इसमें शामिल थे। जुलूस मोटा बाजार होते हुए औरंगा नदी तट पर पहंचा और वहां ताजिया को ठंडा किया गया। आजाद चौक पर ताजिया कमेटी द्वारा नमाज भी हुई और लोगों को शरबत बांटा गया। हिन्दू समाज ने भी ताजिया जुलूस में भाग लिया। लोगों की मान्यता है कि ताजिया के नीचे से निकलकर चढ़ावा चढ़ाने पर सारी बलायें दूर होती हैं, जिससे छोटे बच्चों को भी ताजिया के नीचे से निकाला जाता है। शहर में ताजिया और गणपति विसर्जन एक ही दिन होने पर पुलिस बंदोबस्त भी कड़ा रखा गया था। पुलिस अधिकारी लगातार चौकस रहे।

ताजिया जुलूस निकालकर मनाया मोहर्रम
वांसदा. नगर में मुस्लिम समाज ने मोहर्रम मनाते हुए ताजिया जुलूस निकाला। वांसदा के अलावा वघई और उनाई सहित आसपास के मुस्लिम समाज के लोग ताजिया जुलूस में बड़ी संख्या में शामिल थे। जगह-जगह लोगों को ठंडा पानी, शरबत, खीर बांटी गई। ताजिया जुलूस का भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं और वांसदा ग्राम पंचायत ने फूल देकर कौमी एकता का उदाहरण पेश किया गया।

वापी में भी हुसैन की शहादत को किया याद
वापी. वापी में मोहर्रम पर मातमी माहौल में जुलूस निकालकर हजरत हुसैन की शहादत को याद किया गया। इस उपलक्ष में जगह-जगह शरबत का वितरण भी किया गया। शुक्रवार दोपहर बाद तीन बजे भोपाली नगर से ताजिएदारी का जुलूस निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। जुलूस डुंगरा खाड़ी तक गया, जहां ताजियों को ठंडा किया गया। मोहर्रम पर बनाए गए ताजियों की सजावट को भी लोगों ने बड़ी संख्या में देखा।