
In the river, the father was exempted from the hand
बारडोली।ढाई साल का मासूम नींव पटेल अपने पिता के हाथों से छिटक कर ही मिंढोला नदी में गिरा था। मासूम के अपहरण और नदी में फेंकने के प्रकरण में यह नया मोड़ बुधवार को सामने आया। पुलिस की सख्ती के आगे नींव का पिता निशित पटेल आखिर टूटा और बच्चे के अपहरण की झूठी कहानी को रचने की बात भी स्वीकारी। हालांकि निशित की ओर से एफआइआर में दर्ज कराई गई कहानी सच्ची थी या ताजा कबूलनामा? इस सवाल का जवाब आना बाकी है। पुलिस वारदात से जुड़े अन्य कई महत्वपूर्ण पहलुओं को खंगालने में जुटी है और फिलहाल निशित से पूछताछ जारी रहेगी।
पुलिस ने बताया कि निशित ने अपहरण की शिकायत गलत दर्ज कराने की बात कबूली है। उसने बताया कि वह नींव को लेकर नेशनल हाइवे नंबर-53 पर स्थित ब्रिज पर गया था। लगातार बरसात के बाद मिंढोला नदी में बढ़े जलप्रवाह को वह दिखा रहा था, तभी निकट से एक वाहन इतनी तेजी से गुजरा कि वह चौंक कर घबरा गया। इस दौरान नींव उसके हाथ से छूट कर नदी में गिर गया। घबराहट और बेचैनी के कारण न रोना आया और न कुछ सोचना। ऊपर से घर पर क्या बताऊंगा, यह चिंता सताने लगी। ऐसे में उसने बच्चे के अपहरण की झूठी कहानी रची और पुलिस में मामला दर्ज करा दिया।
इसी झूठ को परिवार और अन्य जानकारों को भी बता दिया। गौरतलब है कि पलसाना तहसील के वणेसा गांव में मासूम नींव साथ घटी वारदात के बाद पूरा गांव सहम गया। इसके खुलासे को लेकर सूरत जिले में भी हडक़ंप मचा हुआ है। सनसनीखेज वारदात के बारे में जान-ुसनकर लोगों के दिल दहल गए थे।
पुलिस के समक्ष किए कबूलनामे पर भी संदेह
इधर, नींव के पिता निशित की नई कहानी पर पुलिस के साथ उसके रिश्तेदारों और जानकारों को भी संदेह है। सबको मासूम के हाथ से छिटक कर नदी में गिरने की बात गले नहीं उतर रही है। इस बीच, निशित के करीबियों ने बताया कि पुलिस इज्जत को बचाने के लिए निशित पर दबाव बना रही है। सख्ती से डर दिखाकर ऐसे कबूलनामे करवा रही है। वहीं, पुलिस भी प्रकरण के कई अनसुलझे सवालों के जवाब तलाश रही है।
अपनों को बताया, फिर पुलिस को
सूत्रों ने बताया कि निशित ने नींव के साथ घटे हादसे से पूरा सच पहले अपनों और समाज के प्रबुद्ध लोगों को बताया। उनके समक्ष सच स्वीकारने के बाद उसने पुलिस को बताया कि अपहरण की शिकायत काल्पनिक किस्सा बनाकर की गई।
नदी से कुछ नहीं मिला
इधर, दमकल विभाग की बचाव टीम ने दो दिनों तक नदी के हर छोर को गहराई से खंगाला, लेकिन उन्हें दो बकरियों के क्षत-विक्षत शव के अलावा कुछ नहीं मिला। ऐसे में नींव यदि नदी में गिरा तो कहां गया? इस सवाल का जवाब भी आना शेष है।
पहली बार उस दिन ब्रश का उपयोग किया था
निशित ने पुलिस को कबूलनामे के दौरान बताया कि सोमवार सुबह नींव ने पहली बार ब्रश का उपयोग कर दांतों की सफाई की थी। इससे वह बहुत खुश था। फिर वह नींव को मंदिर ले जाने के लिए निकला। नींव को पानी देखना बहुत पसंद था, इसलिए सीधे मिंढोला नदी के ब्रिज पर चला गया। पलसाना की तरफ जाने वाले छोर पर खड़े होकर नदी के उफनते पानी को दोनों ने देखा। इस दौरान नींव पुल के बेहद करीब था, तभी निकट से तेजी से गुजरे वाहन के कारण उसका संतुलन बिगड़ा और बच्चा नदी में जा गिरा।
अभी जांच रहेगी जारी, कई पहलू बाकी
निशित ने झूठी कहानी गढऩे की बात स्वीकारी है। पुलिस की पूछताछ में वह टूट गया और बताया कि नींव उसके हाथ से छिटकने के बाद पानी में गिर गया था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जेआई वसावा, डीवायएसपी, बारडोली
Published on:
03 Aug 2018 11:14 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
