2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कृत्रिम तालाब की संख्या बढ़ाए

शहर गणेश उत्सव समिति ने प्रशासन से की मांग

2 min read
Google source verification
patrika

कृत्रिम तालाब की संख्या बढ़ाए


सूरत. दस दिवसीय गणपति महोत्सव की तैयारियों के बीच सोमवार को शहर गणेश उत्सव समिति ने गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए प्रशासन से कृत्रिम तालाब की संख्या बढ़ाए जाने की मांग की है। समिति ने यह मांग शाम को गोपीपुरा के हिन्दू मिलन मंदिर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान रखी।
समिति के संस्थापक संत अम्बरीषानंद ने वार्ता में बताया कि शहर पुलिस आयुक्त व महानगरपालिका आयुक्त ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता बुलाकर इस बार गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन तापी नदी में नहीं किए जाने की जानकारी देते हुए बताया था कि पांच फीट तक ऊंचाई वाली प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्र में मनपा प्रशासन 17 कृत्रिम तालाब तैयार कर रहा है। वहीं, पांच फीट से ऊंची प्रतिमाओं का विसर्जन डुमस, हजीरा समुद्र तट से किया जाएगा। इस बार महोत्सव के लिए अभी तक 4100 आवेदन वितरित किए गए हैं और इनमें से करीब 1800 आवेदन जमा कराए गए है। गणेश मंडल 18 सितम्बर तक आवेदन लेकर जमा करा सकते है। महाराज ने बताया कि इस वर्ष 64 हजार प्रतिमाएं शहरभर में स्थापित की जाएगी और इनमें से हजारों की संख्या में छोटी प्रतिमाएं रहेगी। इनके निर्विघ्न विसर्जन के लिए मनपा प्रशासन को कतारगांव, वराछा, कापोदरा, सरथाणा, पुणा आदि क्षेत्र में और कृत्रिम तालाब बनाने चाहिए। इस संबंध में प्रशासन के समक्ष भी मांग रखी जाएगी। वहीं, वराछा, कापोदरा, सरथाणा, पुणा की बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन रूट केनाल रोड से डुमस व कतारगांव, अमरोली की प्रतिमाओं का विसर्जन रूट जिलानी ब्रिज होकर हजीरा समुद्र तट के लिए रखे जाने की भी मांग प्रशासन से की जाएगी। वार्ता के दौरान संत लक्ष्मणज्योति महाराज, समिति प्रमुख अनिल बिस्कीटवाला, महामंत्री विमल भट्ट, जोगेंद्र साहनी आदि मौजूद थे।


सेवाधारी आज होंगे रवाना


राजस्थान के झोरवा गांव में आयोजित लोकदेवता हरिराम बाबा के मेले के दौरान तीन दिवसीय सेवा कैम्प में यात्रियों की सेवा के लिए श्रीहरिराम बाबा सेवा समिति के सेवाधारी मंगलवार दोपहर तीन बजे गोडादरा के सरस चौक से रवाना होंगे। रवानगी से पहले बाबा की ज्योत, आरती, भजन आदि के आयोजन भी किए जाएंगे।