
जैनम् जयति शासनम्, तपस्वी अमर रहो का गूंजा जयनाद
वापी. पयुर्षण पर्व के समापन पर जैन संघों में विविध तप के तपस्वियों का पारणा कार्यक्रम आयोजित किया गया। वापी समेत आसपास के विस्तार में गुरुभगवंतों की निश्रा में शुक्रवार को शोभायात्रा निकाली गई। इसमें जैनम् जयति शासनम्, तपस्वी अमर रहो का जयनाद गूंजता रहा। जानकारी के अनुसार जैन संघ में अट्ठाई, दस उपवास, 16 उपवास और 30 उपवास सहित विविध तप की आराधना करने वाले तपस्वियों का सामूहिक पारणा कार्यक्रम आयोजित करवाया गया। इस दौरान तपस्वियों का बहुमान भी किया गया। वापी समेत जिले में जैन समाज की ओर से वरघोड़ा निकाला गया। वापी शांतिनाथ जैन संघ से सुबह वरघोड़ा निकला। जबकि दोपहर में अजीतनाथ जैन मंदिर से गुरुभगवंतों की निश्रा में मुख्य मार्गों पर गाजे बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
गुरु प्रतिमा का रथ खींचकर शहर में घुमाया
वलसाड. शहर में जैन समाज ने संवत्सरी के अवसर पर व्रत रखकर शुक्रवार को शोभायात्रा भी निकाली। संवत्सरी के दौरान जैन समाज के लोगों ने दो से 30 दिन तक व्रत रखा था। शुक्रवार को जैन समाज की ओर से शोभायात्रा निकाली गई। जैन समाज के लोगों ने गुरु प्रतिमा का रथ खींचकर शहर में घुमाया और तपस्वियों की शोभायात्रा निकाली गई। मोटा बाजार स्थित जैन देरासर से शुरू शोभायात्रा शहर के एमजी रोड, खत्रीवाड़, आजाद चौक, गौरव पथ से होते हुए रामवाड़ी स्थित जैन आश्रम तक पहुंची। गाजे-बाजे के साथ निकली इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। जैन समाज के लोगों ने बताया कि इस दिन भगवान महावीर की शोभायात्रा निकाली जाती है और संवत्सरी पूरा होने पर क्षमा मांगकर मिच्छामी दुक्कड़म कहा जाता है।
सिलवासा में भी निकाली शोभायात्रा
सिलवासा. जैन श्वेताम्बर पंथियों का पर्युषण शुक्रवार को सम्पन्न हो गया। महापर्व की सफलता पर धर्मप्रेमियों ने शहर में शोभायात्रा निकाली। धर्मप्रेमी शुक्रवार सवेरे चार रास्ता स्थित जैन धर्मशाला में एकत्र हुए तथा भगवान की पूजा-अर्चना की। श्रावक-श्राविकाओं ने एक दूसरे से मिच्छामी दुक्कड़म करके गलतियों की क्षमा मांगी। पूजा के बाद साधु महाराज के संग गाजे बाजे से रथ पर शोभायात्रा निकाली गई।
शोभायात्रा चार रास्ता जैन धर्मशाला से रवाना होकर एवरेस्ट पार्क जैन मंदिर पहुंची, जहां भगवान महावीर, आदिनाथ की पूजा-अर्चना की। यहां से शोभायात्रा का रथ शहीद चौक, पुलिस थाना, झंडा चौक, किलवणी नाका, तहसीलदार, टोकरखाड़ा जक्शन, बस स्टेण्ड से भ्रमण करते हुए जैनालय पहुंचा। चार रास्ता, वर्धमान अस्पताल, झंडा चौक पर जुलूस में दर्शकों ने साधु संतों का सम्मान किया। शोभायात्रा में समाज के गणमान्य, व्यापारी, उद्योगपति, समाजसेवी भी शामिल हुए। मंदिर में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने भगवान पाश्र्वनाथ, भगवान महावीर के सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का प्रण लिया। साध्वी महाराज सुयशमाला , वात्सल्यमाला तथा विरक्तिमाला ने श्रद्धालुओं को जीवन में सत्य, इंसानियत और अपरिग्रह परिपालन का उपदेश दिया। श्वेताम्बर पर्युषण की समाप्ति के बाद दिगम्बर सम्प्रदाय का पर्युषण आरम्भ हो गया है। यह 26 सितम्बर तक चलेगा।

Published on:
14 Sept 2018 09:51 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
