
4400 रुपए की रिश्वत ने दिया 440 वोल्ट का झटका
सूरत. राशन की दुकान के संचालक से 4400 रुपए की रिश्वत लेने के मामले में आपूर्ति विभाग के वराछा जोन के तत्कालीन अधिकारी और बिचौलिए को भ्रष्टाचार निरोधक मामलों की विशेष अदालत ने दोषी करार देते हुए दो साल की कैद और दो हजार रुपए जुर्माने की सजा सुना दी।
अठवा लाइंस की सरकारी वसाहत निवासी प्रकाश यशवंत देसाई वर्ष 2005 में आपूर्ति विभाग में वराछा का जोनल अधिकारी था। उसने कापोद्रा की राशन की दुकान के संचालक माणेकलाल मोतीलाल शाह के ग्राहकों में से 25 फीसदी कार्डधारकों के पास गैस कनेक्शन होने का हवाला देकर सरकारी केरोसीन के कोटे में कटौती कर दी थी। कार्डधारकों की संख्या कम करने के लिए उसने दुकान संचालक से 4400 रुपए की रिश्वत मांगी थी। दुकान संचालक ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से इसकी शिकायत की। ब्यूरो के अधिकारियों ने जाल बिछा कर जोनल अधिकारी के कहने पर रिश्वत लेते हुए बिचौलिए मथुरलाल भूरालाल खटीक को धर दबोचा था। ब्यूरो ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियक की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। चार्जशीट पेश होने के बाद मामले की सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान लोकअभियोजक किशोर रेवलिया आरोपों को साबित करने में सफल रहे। गुरुवार को अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को दोषी मानते हुए दो-दो साल की कैद और दो-दो हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
Published on:
18 Apr 2019 08:41 pm
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