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किशोरी का अपहरण करने वाला गिरफ्तार

पालघर से एक किशोरी का अपहरण कर लाया था

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किशोरी का अपहरण करने वाला गिरफ्तार

सूरत. मुंबई के पालघर से किशोरी का अपहरण कर सूरत में छिपे युवक को उधना पुलिस ने पकड़ कर किशोरी को मुक्त करवाया।


पुलिस के मुताबिक उधना सर्वेलेंस स्टाफ के कर्मियों को मुखबिर से सूचना मिली थी कि उधना कमल सर्किल के पास भवानी क्रिएशन नाम की कंपनी में सिलाई का काम करने वाला रेजौल उर्फ इमरान मोहम्मद इद्रीश इस्लाम (23) पालघर से एक किशोरी का अपहरण कर लाया है। सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे धर दबोचा। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उधना महादेवनगर से किशोरी का कब्जा लिया। पुलिस ने बताया कि अभियुक्त किशोरी का अपहरण कर उसे सूरत ले आया था। किशोरी के परिजनों ने 16 सितम्बर को पालघर पुलिस में अपहरण की शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने अपहर्ता के पकड़े जाने की सूचना पालघर पुलिस को दे दी है।

फर्जी कॉल लेटर मामले में अग्रिम जमानत नामंजूर


सूरत. मनपा में नौकरी दिलाने के बहाने 18 लोगों को फर्जी कॉल लेटर थमा कर धोखाधड़ी करने के मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए अभियुक्त प्रदीप कंथारिया की साथी वैशाली बइस की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने नामंजूर कर दी।


सूरत मनपा की ओर एक्वेरियम सुपरवाइजर, डिप्टी इंजीनियर (मैकेनिकल) और एन्वायरमेंट इंजीनियर के पदों के लिए आवेदन मंगाए गए थे। आरोप है कि मनपा के ऑडिट विभाग के कर्मचारी प्रदीप कंथारिया ने वैशाली नटवरसिंह बइस के जरिए लोगों को नौकरी दिलवाने का झांसा देकर रुपए ऐंठ लिए और उन्हें फर्जी कॉल लेटर थमा दिए। 12 अगस्त को स्मीमेर अस्पताल में आयोजित परीक्षा के लिए जब वैशाली कॉल लेटर लेकर 18 लोगों के साथ परीक्षा केन्द्र पर पहुंची तो कॉल लेटर फर्जी होने का मामला सामने आया। मनपा की ओर से अधिकारी एस.एच.व्यास ने प्रदीप कंथारिया के खिलाफ थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए वैशाली बइस ने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए गुहार लगाई थी। सुनवाई के दौरान लोकअभियोजक अरविंद पी.वसोया ने दलीलें पेश करते हुए याचिका का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका नामंजूर कर दी।