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सूरत. तमाम औपचारिकताओं के बीच शहर के सीमा विस्तार का प्रस्ताव शुक्रवार को स्थाई समिति में मंजूर कर लिया गया। अब इसे सामान्य सभा में रखा जाएगा। वहां से पारित होने के बाद राज्य सरकार को भेजा जाएगा। राज्य सरकार की मुहर के बाद मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की सूरत को मेगा सिटी बनाने की मुहिम आगे बढ़ेगी। यह प्रस्ताव पूर्व में भी दो बार स्थाई समिति के एजेंडे पर लिया गया था, लेकिन नवसारी सांसद सीआर पाटिल के तकनीकी मामला उठाने पर पहले लंबित और बाद में रिफरबैक किया गया था। संगठन की बैठक में चर्चा के बाद सीमा विस्तार के ड्राफ्ट की ओवरहॉलिंग कर नए सिरे से इसे समिति के एजेंडे पर लिया था। हालांकि वराछा क्षेत्र के विधायकों और पार्षदों की सिफारिशों पर अमल नहीं होने के बाद माना जा रहा है कि यह धड़ा मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रख सकता है।
शहर के सीमा विस्तार का मुख्यमंत्री विजय रुपाणी का 2017 में देखा सपना अब पूरा होने को है। शुक्रवार को स्थाई समिति से मंजूरी के बाद शहर के मेगा सिटी बनने के विचार ने पहली बाधा पार कर ली है। शुक्रवार सुबह हुई स्थाई समिति की बैठक में औपचारिक चर्चा के बाद इसे मंजूर कर लिया गया। अब इसे शाम को होने वाली सामान्य सभा के एजेंडे पर लिया जाएगा। माना जा रहा है कि संख्याबल के कारण सामान्य सभा से पारित होने में कोई परेशानी नहीं आएगी। इन औपचारिकताओं के बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
मनपा प्रशासन ने समिति से मंजूर हुए सीमा विस्तार के ड्राफ्ट में राज्य सरकार के आदेश पर और नए गांवों को शामिल करने का रास्ता खुला रखा है। माना जा रहा है कि संकलन बैठक में जिस तरह से ड्राफ्ट पर चर्चा हुई और नवसारी सांसद सीआर पाटिल के ऐतराज पर मुहर लगाते हुए सचिन के रास्ते में आ रहे गांवों को शामिल किया गया और अन्य गांव निकाल दिए गए उससे विरोध की स्थिति बन सकती है। ऐसे में वराछा क्षेत्र के विधायक और पार्षद मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष पेश कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में औपचारिकताएं नए सिरे से शुरू करने की जगह मनपा प्रशासन ने बीच का रास्ता अख्तियार किया है। यदि मुख्यमंत्री नाराज पार्षदों और विधायकों की बात को गंभीरता से लेते हैं तो उनके आदेश पर निकाले गए या और नए क्षेत्रों को भी इसी ड्राफ्ट में शामिल कर लिया जाएगा।
ऐसे हुई थी शुरुआत
मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने अपने पहले कार्यकाल में सूरत के सीमा विस्तार पर मनपा प्रशासन से प्रस्ताव मांगा था। इस आशय का परिपत्र २०१७ में विधानसभा चुनाव से पहले सूरत मनपा को भेजा गया था। इस पर काम शुरू होता इससे पहले ही चुनावों का ऐलान होने के कारण आचार संहिता लागू हो गई थी। उसके बाद न राज्य सरकार ने और न मनपा प्रशासन ने ही इस पर आगे काम किया। मुख्यमंत्री के सूरत को मेगा सिटी बनाने के ऐलान के बाद मनपा प्रशासन ने फाइलों में दफ्न इस प्रस्ताव पर नए सिरे से कवायद शुरू की।
किया था खामी का जिक्र
मनपा प्रशासन के मूल प्रस्ताव में तकनीकी खामी का जिक्र करते हुए नवसारी सांसद सी.आर. पाटिल ने सवाल उठाए थे। उसके बाद संकलन में तय हुआ कि प्रस्ताव को समिति की बैठक में पैंडिंग रखा जाए। राज्य सरकार के प्रस्ताव जल्द भेजने का दबाव बनाने पर प्रस्ताव को रैफर बैक करने के लिए आनन-फानन में स्थाई समिति की बैठक बुलाकर प्रस्ताव को मनपा प्रशासन को वापस भेज दिया गया था। शुक्रवार को सामान्य सभा से ऐन पहले स्थाई समिति की बैठक बुलाकर सीमा विस्तार के प्रस्ताव को नए सिरे से रखा गया, जहां औपचारिकताओं के बाद मंजूर कर लिया गया।
यह है सीमा विस्तार का फार्मूला
मनपा प्रशासन ने सीमा विस्तार का ड्राफ्ट तैयार करते समय शहर की हद में शामिल होने वाले क्षेत्रों को चार समूह में रखा है। पहले समूह में नॉर्थ और पश्चिम जोन की ओर के सेगवा, स्यादला, वसवारी, गोथाण, उमरा, भरथाना और कोसाड को जगह मिली है। दूसरे समूह में उधना जोन की ओर के पारडी कणदे, सचिन नगर पालिका, तलंगपुर, पाली, उबर और कनसाड नगर पालिका को शामिल करने का प्रस्ताव है। तीसरे समूह में डूमस की ओर विस्तार के क्रम में अकेले बचे कांदी फलिया को लिया गया है। चौथे समूह में पश्चिम जोन के हजीरा पट्टी के भाटपोर, भाठा, इच्छापोर, असारमा, भेसाण, ओखा, वनलका, विहेल और चीची को शामिल किया गया है। मनपा प्रशासन ने साफ किया है कि शहर के सीमा विस्तार की जरूरत को देखते हुए राज्य सरकार के आदेश के बाद नए गांव जोड़े जा सकते हैं। सचिन नगर पालिका के सूरत का हिस्सा बनने के बाद सचिन इंडस्ट्रियल नोटिफाइड एरिया (सचिन जीआइडीसी) को शहर विस्तार के प्रस्ताव से बाहर रखा गया है।
पहले बनाए थे छह वर्ग
मनपा प्रशासन ने शहर की सीमा में शामिल होने जा रहे नए क्षेत्रों को छह वर्गों में बांटा था। पहले समूह में वालक, भाटा, खोलवड, नवागाम, लसकाणा, पासोद्रा और खदसर को शामिल किया गया था। दूसरे समूह में कराडवा, सणिया और कणदे, तीसरे समूह में सचिन नगर पालिका, कनकपुर कनसाड नगरपालिका, तलंगपुर और पाली, चौथे समूह में कांदी फलिया, पांचवें समूह में भाटपोर, भाठा और इच्छापोर, जबकि छठे समूह में वसवारी, भरथाणा और कोसाड गांव को शामिल किया गया था।
Published on:
27 Dec 2019 12:21 pm
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