
GCTOC : अपराधों का शतक लगाने से पहले जालिम इलेवन बोल्ड !
सूरत. प्रदेश में आतंकवाद व संगठित अपराध की रोकथाम के लिए कुछ समय पूर्व लागू किए गए गुजरात आतंकवाद एवं संगठित अपराध निवारण अधिनियम (जीसीटीओसी-2015) के तहत क्राइम ब्रांच ने कुख्यात लालू जालिम गैंग के ग्यारह जनों के खिलाफ मामला दर्ज कर गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
शहर पुलिस आयुक्त अजय तोमर ने बताया कि संगठित होकर वारदातों को अंजाम देने वाला लालू जालिम गिरोह 2011 से सक्रिय है। जो शहर की शांति के लिए खतरा है। इस गिरोह के संगठित रूप से आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं तथा अवराध को ही आजीविका का जरिया बना रखा है। गिरोह के खिलाफ शराब तस्करी बिक्री, मारपीट, उपद्रव, अपहरण, फिरौती, रंगदारी, लूट, हत्या का प्रयास, हत्या, जबरन वसूली व अवैध रूप से हथियार रखने के मामले दर्ज हो चुके हैं।
गिरोह का मुख्य सूत्रधार अमित राजपूत उर्फ लालू जालिम है। इसके अलावा गिरोह का शैलेन्द्र शर्मा अमरोली में हुई हत्या के मामले में वडोदरा सैन्ट्रल जेल में बद है। जीसीटीओसी एक्ट-2015 की धारा 3(1) 1,2,3 (2), 3 (4) के तहत मामला दर्ज कर जोलवा पाटिया बगुमरा रेजिडेंसी निवासी शिवम राजपूत (20), अमरोली कोसाड़ आवास निवासी निलेश अवचीते (30), अमरोली रिलायंस नगर निवासी जगदीश कंटारिया (40) को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्त में लेने की कवायद शुरू कर दी गई है।
जीसीटीओसी का दूसरी बार उपयोग :
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में जीसीटीओसी लागू होने के बाद से सूरत शहर में इसका दूसरी बार उपयोग किया जा रहा है। इससे पहले कुख्यात ‘टामेटा गैंग’ के खिलाफ जीसीटीओसी के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई थी। टामेटा गैंग के बाद अब क्राइम ब्रांच द्वारा संगठित अपराध में लिप्त लालू जालिम गिरोह पर कार्रवाई की गई है।
यह हैं जालिम इलेवन :
कुख्यात लालू जामिल उर्फ अमितसिंह राजपूत की गैंग में दीपक जयस्वाल, शैलेन्द्र शर्मा उर्फ शाहरुख, शिवम राजपूत उर्फ फेनिल, नीलेश अवचीते उर्फ मियो, जगदीश कंटारिया उर्फ भाऊचोटली, आशीष पांडे उर्फ चिकना, निकुंज चौहाण, रवि शिंदे उर्फ धानू, नयन बारोट व अवनेश राजपूत उर्फ अन्नू शामिल हैं।
एक दशक में दर्ज हो चुके हैं 94 मामले :
कुख्यात लालू जालिम गैंग पिछले करीब एक दशक से सक्रिय है। इस गिरोह के नामजद 11 सदस्यों के खिलाफ शहर के अमरोली, कतारगाम, महिधरपुरा, चौकबााजार, इच्छापोर, डीसीबी, रांदेर, वराछा, उमरा, अठवा, उधना, लिम्बायत व सचिन इसके अलावा सूरत रेलवे, सूरत ग्रामीण के ओलपाड़ व तापी जिले के सोनगढ़ थाने समेत कुल 94 मामले दर्ज हो चुके है।
अमित उर्फ लालू जालिम तीन बार पासा के तहत अलग- अलग जेलों में रह चुका है और एक बार तड़ीपार किया जा चुका है। उसके साथी निलेश के खिलाफ एक बार पासा और एक बार तड़ीपार की कार्रवाई हो चुकी है। इसी तरह से गिरोह के जगदीश, आशीष, निकुंज व रवि के खिलाफ भी पासा व तड़ीपार के तहत एक या उससे अधिक बार कार्रवाई की जा चुकी है।
Published on:
31 Dec 2020 10:00 am
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