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काम छोड़ सूरती दिनभर केबल ब्रिज पर

केबल ब्रिज पर मंगलवार को जो नजारा देखने को मिला, उससे लगा कि सूरतीयों को इसके औपचारिक उद्घाटन का बेसब्री से इंतजार था। आवागमन के लिए ब्रिज खुलते ही लो

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Leave the work on the sun bridge all day at the cable bridge

Leave the work on the sun bridge all day at the cable bridge

सूरत।केबल ब्रिज पर मंगलवार को जो नजारा देखने को मिला, उससे लगा कि सूरतीयों को इसके औपचारिक उद्घाटन का बेसब्री से इंतजार था। आवागमन के लिए ब्रिज खुलते ही लोगों का हुजूम ब्रिज पर था। दोनों तरफ से वाहनों की लंबी कतार के कारण ब्रिज पर जाम के हालात रहे। शाम को जैसे ही ब्रिज रोशनी में नहाया, लोगों की भीड़ दोबारा ब्रिज पर जमा हो गई।

ब्रिज खुलते ही यह दोनों तरफ से पांच से दस मिनट में पैक हो गया। वाहनों की रेलमपेल के बीच लोग ब्रिज के नजारे का लुत्फ उठा रहे थे। गांधी जयंती के अवकाश के कारण भी भीड़ ज्यादा रही। टै्रफिक का सबसे ज्यादा जोर पाल-अडाजण की ओर रहा। उस तरफ ट्रैफिक का दबाव इसलिए भी ज्यादा था कि लोग अठवा लाइंस से तफरीह के लिए ब्रिज पर चढ़े थे और वापसी भी ब्रिज से ही करनी थी। उधर, पाल अडाजण की ओर से भी लोग ब्रिज पर चढऩे के लिए बेताब थे। ऐसे में व्यवस्था संभालने के लिए प्रशासन को पुलिस टीम पाल-अडाजण की तरफ लगानी पड़ी।

पाल-अडाजण से चढ़ते समय अठवा लाइंस पर ब्रिज दो तरफ बंटता है। एक रास्ता सीधे अठवा लाइंस पर गिरता है तो दूसरा रास्ता हैंगिंग फ्लाइओवर के जरिए पार्ले प्वॉइंट की तरफ जाता है। पाल-अडाजण की ओर जाने वाले भी ब्रिज पर अठवा लाइंस रोड से चढ़ते हैं। दूसरा विकल्प नई कोर्ट बिल्डिंग के बगल से केबल ब्रिज पर चढऩे का है। लोगों ने दोनों ओर से दोनों विकल्प आजमा कर तापी के फेरे लिए। शाम घिरते ही लोगों में ब्रिज पर रोशनी को देखने का उत्साह भी देखते बनता था। ब्रिज पर लगे केबल पर सजाई गई रोशनी बार-बार रंग बदलती है। रंग बदलती सजावट को देखने के लिए लोगों का हुजूम देर रात तक ब्रिज पर जुटा रहा।

अवकाश के दिन शाम के समय जिस सरदार ब्रिज पर पांव धरने की जगह नहीं मिलती थी, मंगलवार को उसकी रौनक फीकी रही। सारा ट्रैफिक केबल ब्रिज पर शिफ्ट होने के कारण सरदार ब्रिज पर वाहनों की संख्या काफी कम दिखी। रात के समय भी लोगों ने अठवागेट से सरदार ब्रिज पर चढऩे के बजाय घूमकर अठवालाइंस से केबल ब्रिज पर चढऩा बेहतर समझा।

काछडिय़ा फिर डिटेन

पार्षद दिनेश काछडिया को पुलिस ने एक बार फिर डिटेन किया। जिस वक्त मुख्यमंत्री अठवा लाइंस की ओर से ब्रिज का लोकार्पण कर रहे थे, काछडिय़ा ने पाल-अडाजण की ओर से ब्रिज के लोकार्पण का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया और ब्रिज के उद्घाटन के बाद जब दोनों ओर से ट्रैफिक चलने लगा, छोड़ दिया गया। गौरतलब है कि काछडिय़ा ने पिछले दिनों ब्रिज का जबरन उद्घाटन करने का प्रयास किया था। तब भी पुलिस ने उन्हें डिटेन किया था।