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होली पर शराब की तस्करी बढ़ी

गत वर्ष शराब तस्करी के पकड़े 30 से अधिक मामले

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सूरत

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Sunil Mishra

Mar 17, 2019

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होली पर शराब की तस्करी बढ़ी


सिलवासा. होली के साथ चुनाव होने से प्रदेश से शराब की तस्करी बढ़ गई है। दादरा नगर हवेली के बिना चैकपोस्ट वाले मार्गों सें शराब पड़ोसी राज्यों में पहुंच रही है। हाल में पुलिस द्वारा पकड़ी गई शराब की खेप में इस बात की पुष्टि हुई है। शराब तस्कर बिना चैकपोस्ट एव ग्रामीण मार्गों से शराब पड़ोसी राज्यों में पहुंचाते हैं। पुलिस चेकिंग होने से मुख्य मार्गों से पड़ोसी राज्यों में जाने वाली शराब के मामले कम हंै।
पुलिस एवं आबकारी विभाग ने बीते वर्ष 30 से अधिक शराब तस्करी के मामले पकड़े हैं। इसमें पुलिस ने आठ मामले हल किए हैं। पड़ोसी राज्यों में शराब चोरी से सप्लाई होने लगी है। शराब तस्करी में लिकर शॉप और होटल मालिक से लेकर खरीदार तक सभी मिले हुए हैं। ओआईडीसी ने शराब की बोतल व पैकेट्स पर मूल्य प्रिंट कर दिए हैं। इससे व्यवसायी शराब पर प्रिंट मूल्य से अधिक नहीं ले सकते हैं। शराब के कारोबारी अपने धंधे में इजाफा के लिए तस्करी को अंजाम दे रहे हैं। यह तस्कर रात को नरोली, खानवेल, दादरा, पिपरिया, वाघछीपा, रांधा के कम भीड़भाड़ वाले तथा बिना चैकिंग वाले रास्तों से शराब सप्लाई करते हैं। भेजी गई शराब पड़ोसी राज्यों के विभिन्न ढाबों पर सप्लाई होती है। आरोपी पकड़े जाने पर कुछ दिनों बाद जमानत पर रिहा हो जाते है, जिससे शराब की तस्करी बेरोकटोक जारी है। इस कारोबार में ज्यादातर राजनीति तबके के लोग जुड़े हैं, जिनकी स्थानीय पुलिस से सांठगांठ रहती है। दादरा, नरोली, वाघछीपा, रांधा, खेरड़ी में पड़ोसी राज्यों की सीमा लगी है। कई ढाबे अंदरूनी विस्तारों में बने हैं, जहां पुलिस एवं आबकारी अधिकारी जल्दी नहीं पहुंच पाते हैं। ओआइडीसी से औसत रोजाना 100 से 110 लाख की शराब बिक रही है। जो प्रदेश में सेवन करने वाली आबादी के हिसाब से बहुत अधिक है। जानकारों का कहना है कि अथाल व नरोली से करमखल वाघछीपा से तंबाड़ी मार्ग, रांधा से कपराड़, खानवेल चोराटी मार्ग, दादरा देमणी मार्ग से शराब पड़ोसी राज्यों मेें पहुंच रही है।