
LOKPARV GANGAUR: गौर ए गणगौर माता खोल किंवाड़ी...
सूरत. सुबह बाग-बगीचे में गीत गाते हरी-हरी दूब एकत्र करती युवतियां और किशोरियां। इसके बाद बड़ी-बुजुर्ग महिलाओं के सानिध्य में गौर माता की गौर एक गणगौर माता, खोल किंवाड़ी, बाहर उभी थारी पूजण वाळी...की होती गूंज। अपराह्न बाद गौर बिंदोळा के साथ-साथ सामूहिक गणगौर सिंजारा उत्सव में पारम्परिक परिधान में प्रवासी राजस्थानी महिलाएं कई कार्यक्रमों में इन दिनों सक्रियता से भाग ले रही है। सोलह दिवसीय लोकपर्व गणगौर की रंगत अब पूरी तरह से शहर के प्रवासी राजस्थानी बहुल क्षेत्र में जम गई है। गणगौर सिंजारा उत्सव के दौरान समाज की छोटी-छोटी बच्चियां भी किशोरियों व युवतियों के साथ राजस्थानी परम्परा के साथ त्योहार मनाने की रीति-रिवाज पूरे जतन के साथ सीख रही है। वहीं, रात्रि में परवत पाटिया, गोडादरा, पूणागांव, टीकमनगर, डिंडोली, उधना, अलथान, वेसू, सिटीलाइट, घोड़दौडऱोड, भटार, अडाजन समेत अन्य क्षेत्रों की प्रवासी राजस्थानी बहुल सोसायटियों में महिलाएं परम्परागत लोकगीत भी गाती है। होली के अगले दिन धूलेटी से प्रारम्भ हुआ सोलह दिवसीय गणगौर लोकपर्व चैत्र शुक्ल तृतीया तिथि के मौके पर आगामी 4 अप्रेल को सम्पन्न होगा और इस अवसर पर सुबह में समूह में गणगौर पूजन किया जाएगा और शाम को शहर के अलग-अलग क्षेत्र में विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी।
-टीकमनगर माहेश्वरी महिला मंडल
परवत पाटिया में आईमाता रोड स्थित माहेश्वरी सेवा सदन में मंगलवार को टीकमनगर माहेश्वरी महिला मंडल की ओर से सामूहिक गणगौर सिंजारा उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस दौरान माहेश्वरी समाज की महिलाओं ने उत्सव में गणगौर गीत, धमाल, नृत्य, मनोरंजक खेल समेत अन्य कई तरह के आयोजनों में भाग लिया। इस मौके पर मंडल की ओर से आमंत्रित मेहमानों का परम्परागत तरीके से साफा, दुपट्टा व स्मृतिचिह्न भेंटकर सम्मान किया।
Published on:
29 Mar 2022 08:35 pm
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