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मधुबन डेम: 900 क्यूसेक की दर से पानी की आवक शुरू

खाली होने से पहले ही पानी की आवक शुरू

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मधुबन डेम खाली नहीं हुआ और आवक शुरू

मधुबन डेम खाली नहीं हुआ और आवक शुरू

सिलवासा. इस साल मधुबन डेम खाली होने से पहले ही पानी की आवक शुरू हो गई है। मानसून के दस्तक देते ही डेम में 1900 क्यूसेक की दर से पानी की आवक शुरू हो गई है। डेम के पानी का लेवल 68.55 मीटर चल रहा है, जो निकास दरवाजों से दो मीटर ऊपर हैं। गत वर्ष डेम का जलस्तर गिरकर 65.15 मीटर तक नीचे तक चला गया था। मधुबन डेम के 46 मीटर ऊंचाई तक पानी का सदुपयोग किया जा सकता है। गत माह तौकते तूफान आने से डेम के गिरते जलस्तर पर अंकुश लग गया था।
मधुबन बांध परियोजना से जुड़़े अधिकारियों के मुताबिक डेम मेंटेनेंस एवं सुरक्षा प्रबंधन का कार्य पूरा कर लिया है। डेम के दरवाजे, डीजी सेट, अन्य उपकरण, विद्युत संयंत्र व नहरों के प्रवेश द्वार मानसून पूर्व मेंटेनेंस होते हैं। इस साल डेम में अपेक्षा से अधिक पानी भरा हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि गुजरात के अधिकांश बांध गर्मी में खाली हो जाते हैं, वहीं मधुबन बांध में बारिश आने तक पर्याप्त जल संग्रहण का रिकॉर्ड है।


वर्ष 2004 में पहली बार डेम का जलस्तर गिरकर 46 मीटर हो गया था


वर्ष 2004 में पहली बार डेम का जलस्तर गिरकर 46 मीटर चला गया था। उसके बाद कभी ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। डेम में जल संग्रह निर्धारित समय के अनुसार किया जाता है। एक जुलाई तक डेम में 70 मीटर 15 अगस्त तक 73.81 मीटर तथा एक अक्टूबर को पूरा 79.86 मीटर तक पानी संग्रहित करने की योजना है। डेम के पानी से 8 मेगावाट विद्युत पैदा होती है। प्रतिदिन दोनों नहरों में 410 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जाता है।