
Mama-nephew created ransom conspiracy
सूरत।लिंबायत के अनवर शेख का अपहरण कर हत्या करने का राजफाश करते हुए क्राइम ब्रांच ने पड़ोसी युवक एवं उसके भांजे को गिरफ्तार किया है। इन दोनों ने ही डेढ़ लाख रुपए की फिरौती वसूलने के लिए अपहरण कर हत्या की थी।
शहर पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा ने बताया लिंबायत नूरे इलाही नगर निवासी अनवर पुत्र अकरम शेख (19) का अपहरण उसके पड़ोसी मेहबूबखान पठान उर्फ मबा (२४) तथा उसके भांजे सलाबतपुरा चिमनी टेकरा गांधीनगर झोपड़पट्टी निवासी वसीम खान पठान उर्फ निसार (19) ने किया था। 27 मई को दोपहर में जब अनवर घर से निकाला तो वे रास्ते में मिले। महबूब अनवर का परिचित था इसलिए वह उसे घूमने के बहाने सचिन के वक्ताणा गांव ले गए। वहां लघुशंका के बहाने स्कूटर रुकवाया। उसे थोड़ी दूर झाडिय़ों में ले जाकर रस्सी से गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी। उसके बाद जिंदा होने की आशंका के चलते उन्होंने वहां पड़ी शराब की खाली बोतल से उसके पेट में भी कई वार किए। हत्या के बाद दोनों उसका स्कूटर और मोबाइल लेकर भाठेना आए।
भाठेना में स्कूटर छोड़ दिया अपने-अपने घर चले गए। शाम को वसीम ने अनवर का मोबाइल फोन चालू किया और उसके पिता को फोन कर डेढ़ लाख की फिरौती मांगी। उसके बाद दो घंटे के भीतर उसने दो बार और कॉल किए। फोन आने पर अनवर के पिता ने परिजनों व मोहल्ले के लोगों को बता दिया और शिकायत लेकर लिम्बायत थाने चले गए। वहीं पर मौजूद महबूब को इस बारे में पता चलने पर उसने वसीम को बता दिया तो वसीम ने फिर फिरौती के लिए कोई कॉल नहीं किया। अगले दिन सुबह अनवर का शव बरामद होने पर सचिन पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच भी पड़ताल में जुट गई।
सीसीटीवी से मिला सुराग
क्राइम ब्रांच एवं सचिन पुलिस ने नूरे इलाही नगर स्थित अनवर के घर से लेकर वक्ताणा गांव तक पहुंचने वाले सभी रास्तों में पडऩे वाले ६० से अधिक सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की। इस बीच पुलिस को लिम्बायत के ही प्रतापनगर में स्थित आर.के. इलेक्ट्रोनिक्स के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में अनवर स्कूटर पर जाते हुए नजर आया। उसके साथ स्कूटर पर दो और संदिग्ध बैठे थे। पुलिस ने फुटेज से उनके फोटो हासिल किए और मेहबूब और वसीम के रूप में उनकी पहचान कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने भाठेना से लावारिस हालत में स्कूटर भी बरामद कर लिया।
पकड़े जाने के डर से की हत्या
मेहबूब ने बताया कि अनवर उसे अच्छी तरह से जानता था। यदि वह रुपए मिलने पर उसे छोड़ देता तो पकड़ा जाता। इसलिए अपहरण के बाद सीधे उसे सचिन ले जाकर उसकी हत्या कर दी। उसके बाद फिरौती वसूलने का प्रयास किया।
पिता-बहन के इलाज के लिए रची साजिश
पुलिस ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में मेहबूब व वसीम का कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है। दोनों दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। मेहबूब का कहना है कि उसे पिता और बहन के उपचार के लिए रुपयों की जरूरत थी। उसका अकरम शेख के घर पर आना-जाना था। अकरम की सिलाई की दुकान अच्छी चलती थी। शनिवार को ही उसे बीसी के एक लाख रुपए मिले थे। उससे रुपए हासिल करने के लिए इस साजिश को अंजाम दिया।
कोताही पर थाना प्रभारी निलंबित
शर्मा ने बताया कि इस मामले में लिम्बायत थाना प्रभारी एन.डी.सोलंकी ने कोताही बरती थी। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पीडि़त परिवार से रात आठ बजे शिकायत मिलने पर उन्होंने तुरंत मामला दर्ज कर अनवर की खोज शुरू नहीं की। पीडि़त परिवार को रात एक बजे तक थाने में बिठाए रखा और सिर्फ गुमशुद्गी की शिकायत लेकर छोड़ दिया। इस कोताही के लिए उन्हें निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
Published on:
03 Jun 2018 04:52 am
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