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SURAT NEWS : मनीष के पार्टनर ने किया आत्महत्या के लिए मजबूर

सोलंकी परिवार के सात जनों की सामूहिक आत्महत्या मामला

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SURAT NEWS : मनीष के पार्टनर ने किया आत्महत्या के लिए मजबूर

SURAT NEWS : मनीष के पार्टनर ने किया आत्महत्या के लिए मजबूर

सूरत. पालनपुर पटिया क्षेत्र में सामूहिक आत्महत्या करने वाले सोलंकी परिवार को इसके लिए मजबूर करने के आरोप में मनीष के पार्टनर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया हैं।श्री सिद्धेश्वर कॉम्प्लेक्स निवासी मनीष सोलंकी को इसका पार्टनर इंद्रपाल शर्मा परेशान कर रहा था।

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के मूल निवासी तथा भटार रोड स्थित रिद्धि सिद्धि अपार्टमेंट में रहने वाले इंद्रपाल के साथ मनीष ने सांझीदारी में कारोबार शुरू किया था। भटार में निधि प्लाईवुड के नाम से दुकान शुरू की थी। कारोबारी लेनदेन को लेकर इंद्रपाल मनीष पर लगातार दबाव डाल रहा था। वह उससे रुपए की मांग कर रहा था। उसने सारे बिल मनीष को भेज दिए थे। उससे कहा था की दीपावली से पहले पेमेंट चुकता कर देना।

इसके लिए जहां से भी लोन लेना हो ले फिर कोई रियायत नहीं होगी। वह हर रोज मनीष को फोन कर परेशान करता था। मनीष की माली हालत पहले से खराब थी। उसकी प्रताड़ना से तंग आकर मनीष अपने परिवार के छह जनों की हत्या की और फिर खुद को फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली।

घर से मिली चिट्ठी में हुआ खुलासा

पुलिस ने बताया की घटना के समय मनीष का सुसाइड नोट मिला था, उसमें उसने अपनी मानसिक स्थिति का वर्णन तो किया था लेकिन इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति के नाम का खुलासा नहीं किया था। मनीष के घर में जांच के दौरान एक और चिट्ठी मिली जिसमें इंद्रपाल के बारे में बताया गया था। उसके आधार पर मनीष के बहनोई घनश्याम परमार की शिकायत लेकर आईपीसी की धारा 306 के तहत इंद्रपाल के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार किया।

यह था मामला

गत 28 अक्टूबर को मनीष सोलंकी, उसके माता-पिता, पत्नी, दो पुत्रियां व एक पुत्र घर में मृत पाए गए थे। मनीष से संपर्क नहीं होने पर उसका एक कर्मचारी घर पहुंचा। दरवाजा अंदर से बंद था और अंदर सब मृत थे। मनीष ने सबको जहर दिया। उसकी मां और एक पुत्री की मौत नहीं होने पर उनका गला घोंट दिया उसके बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या की थी।

मामला सामने आने पर पूरे शहर में सनसनी फ़ैल गई थी। मामले के जांच के लिए पुलिस आयुक्त अजय तोमर ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया था। डेढ़ सौ लोगों से पूछताछ के बाद एसआईटी मामले की गुत्थी सुलझाई।