
Many Yashodas reached far away from 6370 ml milk donation
सूरत।वस्तु, सेवा, रक्तदान, अंगदान के बाद सूरत ने दूध दान में भी अलग स्थान स्थापित किया है। रविवार को हुए दूध दान शिविर में जयपुर निवासी महिला ने दूध दान किया। वह शादी के पच्चीस साल बाद मां बनी थी। इसके अलावा वड़ोदरा और बिलीमोरा से भी माताएं दूध दान करने पहुंचीं।
सूरत पिड्याट्रिक एसोसिएशन के प्रमुख डॉ. प्रशांत कारिया ने बताया कि एक से सात अगस्त तक चलने वाले स्तनपान सप्ताह के दौरान माताओं में जागरुकता के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रविवार को भटार के उमा भवन में माताओं के लिए दूध दान शिविर आोयोजित किया गया। इसमें करीब 80 माताओं ने ६३७० एमएल दूध दान किया। एसोसिएशन में ह्यूमन मिल्क डोनेशन कैम्प के कॉर्डिनेटर डॉ. केतन भरवाड ने बताया कि शिविर में जयपुर निवासी देविका ने भी दूध दान किया। देविका को शादी के 25 साल बाद मां का सुख मिला था। सूरत निवासी दीपिका ने तीसरी बार शिविर में दूध दान किया।
पिछले दो शिविर में भी वह दूध दान करने आई थी। वड़ोदरा निवासी चैताली सिर्फ दूध दान करने सूरत आई। इसके अलावा बिलीमोरा से चार-पांच महिलाओं का ग्रुप विशेष रूप से दूध दान करने सूरत आया। शिविर में नौ दिन का बच्चा लेकर जीनल दूध दान करने पहुंची। कामरेज निवासी श्वेता घर में शुभ प्रसंग होने के बावजूद दूध दान करने सूरत पहुंची। बिलीमोरा कच्छ कडवा पाटीदार मंडल ने भी इसी तरह का शिविर लगाने की इच्छा जताई है। विजया डाह्या छभैया की ओर से दानवीर माताओं और उनके बच्चों के लिए उपयोगी सामान भेंट किया गया। मंजु वसंत नाकराणी ने सभी को नाश्ता करवाया।
शिविर में रोटरी क्लब सूरत सीफेस और कच्छ कडवा पाटीदार महिला मंडल ने मुख्य भूमिका निभाई। सोशल मीडिया पर भी दूधदान शिविर की जानकारी वायरल की गई थी। स्मीमेर अस्पताल के यशोदा ह्यूमन मिल्क बैंक के चिकित्सकों और स्टाफ ने शिविर में व्यवस्था की।
Published on:
22 Aug 2018 09:49 pm
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