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FIRE IN SURAT : पांडेसरा जीआइडीसी की डाईंग मिल में भीषण आग

  - धुंए का गुब्बार कई किलोमीटर तक दिखने से मची भागदौड़- दमकल के 17 वाहनों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया

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FIRE IN SURAT : पांडेसरा जीआइडीसी की डाईंग मिल में भीषण आग

FIRE IN SURAT : पांडेसरा जीआइडीसी की डाईंग मिल में भीषण आग

सूरत. पांडेसरा जीआइडीसी स्थित एक डाईंग मिल में शनिवार सुबह भीषण आग लग गई। मिल से उठ रहे धुंए के गुब्बार कई किलोमीटर की परिधी में नजर आने से आसपास के इलाके में भी भागादौड़ी मच गई। करीब 17 वाहनों के काफिले के साथ मौके पर पहुंचे दमकल दस्ते ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। इस घटना में किसी के हताहत होने की आधिकारिक सूचना नहीं है।

जानकारी के अनुसार पांडेसरा जीआइडीसी के प्लॉट नम्बर 87-88 स्थित राणी सती प्रोसेस प्राइवेट लिमिटेड मिल में शनिवार सुबह करीब दस बजे आग लग गई। सुबह भूतल पर सैन्ट्रल मशीन में काम के दौरान ऑयल लिकेज हुआ और उसकी चिंगारी से निकट में पड़े केमिकल में आग लग गई। ज्वलनशील केमिकल में आग इतनी तेजी से फैली की उसके उपर की दो मंजिलों पर बने प्रिंटिंग यूनिट, ग्रे कपड़े का गोदाम व कैंटीन भी इसकी चपेट में आ गए।

मिल में मौजूद लोगों ने दमकल उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन केमिकल व ग्रेकपड़ा अत्यंत ज्वलनशील होने के कारण सफलता नहीं मिली। सुबह दस बजकर आठ मिनट पर दमकल दस्ते को खबर दी गई। बड़ी आग की सूचना मिलते कंट्रोल रूम से शहर के सभी दमकल दस्तों को सतर्क कर दिया गया।

आलाधिकारियों के साथ पांच दमकल स्टेशनों से पहुचे सत्रह वाहनों ने आग पर काबू पाया। मिल में बड़ी मात्रा में अत्यंत ज्वलनशील केमिकल व उसके उपर की मंजिल में ग्रे कपड़ा रखा जो जल गया। आग की वजह से मिल में हुए नुकसान का आंकलन नहीं किया गया है। लाखों रुपए की मशीनरी, केमिकल और ग्रे कपड़ा जलकर खाक हो गया।

फोमयुक्त पानी का उपयोग कर पाया काबू :

सूचना मिलते ही चीफ फायर ऑफिसर समेत पांडेसरा व निकटवर्ती दकमल केन्द्रों से दमकल दस्ते मौके पर पहुंच गए। दमकलकर्मियों ने पहले पानी का उपयोग किया, लेकिन पानी का कोई असर नहीं होते देख फोम युक्त पानी का उपयोग किया। हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म से करीब दो घंटे तक दमकलकर्मियों ने फोम युक्त पानी की बौछार जारी रखी और दोपहर बारह बजे तक आग पर काबू पा लिया। इसके बाद करीब एक घंटे तक कुलिंग भी की। ताकी मलबे में दबी हुई चिंगारी फिर नहीं भडक़ सके।

लपटें नहीं , सिर्फ धुंए के गुब्बार उठे

मिल में आग लगने पर बाहर से लपटे तो नजर नहीं आई, लेकिन गहरे काले धुंए के गुब्बार उठने लगे जो पांडेसरा ही नहीं, आसपास के अन्य इलाकों में कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगे। निकट की औद्योगिक ईकाईयों में भी दहशत फैल गई। मिल के बाहर मजदूरों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंची पांडेसरा पुलिस ने भीड़ को तितर- बितर कर मिल परिसर को कॉर्डन किया। ताकी दमकल को आग बुझाने में किसी तरह की कोई समस्या नहीं हो।

मेयर और पार्षद भी पहुंचे, मिल में थे सुरक्षा उपकरण :

खबर मिलने पर मेयर हेमाली बोघावाला और क्षेत्र के पार्षद भी मौके पर पहुंच गए। बोघावाला ने बताया कि मिल के पास फायर एनओसी है और फायर सेफ्टी के उपकरण भी मौजूद थे। आग बड़ी थी इस वजह से दमकल की मदद लेनी पड़ी। सभी श्रमिकों को पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया था। कोई अंदर फंसा नहीं था। घटना में कोई हताहता नहीं हुआ है।

स्ट्रक्चर काफी पुराना :

बताया जाता है कि मिल में बना स्टील से बना स्ट्रक्चर करीब तीस वर्ष से भी अधिक पुराना है। जो कमजोर स्थिति में है। मिल तीन चार दिनों से बंद थी। शनिवार को ही मिल शुरू की गई थी। सैन्ट्रल मशीन और बाइलर के पास काम के दौरान ही आग लग गई थी।

मजदूरों के टिफिन व सामान भी जल गया :

मौके पर मौजूद मजदूरों ने बताया कि मिल में करीब पांच सौ लोग काम करते हैं। एक शिफ्ट में करीब 250 लोग होते हैं। सभी के टिफिन कैन्टिन एरिया में रखे थे। आग ने तीसरी मंजिल पर बनी कैंटीन को भी चपेट में ले लिया था। जिसमें मजदूरों को दोपहर के खाने के टिफिन व अन्य सामान रखा था। उस समय एक महिला भी कैंटीन में थी, लेकिन उसे निकाल लिया गया।