21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

MBBS : मेडिकल कॉलेजों में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करवाने पर जोर

सूरत. सूरत समेत प्रदेश और देश के मेडिकल कॉलेजों में 2023 शिक्षा सत्र की प्रवेश प्रक्रिया के साथ अन्य कक्षाओं की पढ़ाई चल रही है। इस बीच मेडिकल कॉलेजों में बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। अब प्राध्यापकों को आने व जाने के समय बायोमेट्रिक से उपस्थिति दर्ज करवानी होगी। ऐसा नहीं होने पर बिना वेतन अनुपस्थिति दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। सभी मेडिकल कॉलेजों को इसका सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।

less than 1 minute read
Google source verification
MBBS : मेडिकल कॉलेजों में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करवाने पर जोर

MBBS : मेडिकल कॉलेजों में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करवाने पर जोर

कई मेडिकल कॉलेजों में प्राध्यापकों की संख्या रिकॉर्ड पर नियमों के अनुसार होती है, लेकिन हकीकत कुछ ओर ही होती है। प्राध्यापकों की उपस्थिति को लेकर नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) को बार-बार शिकायतें मिलती रही हैं। सीटों को बढ़ाने के लिए प्राध्यापकों का एक कॉलेज से दूसरे में स्थानांतरण भी किया जाता है। सीटें मिल जाने पर फिर से प्राध्यापक का स्थान रिक्त हो जाता है। साथ कई कॉलेजों में प्राध्यापक समय पर नहीं आने की भी शिकायतें मिलती रहती है। इसलिए प्राध्यापकों की उपस्थिति को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले एनएमसी की ओर से सभी मेडिकल कॉलेजों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को अनिवार्य रूप से लागू करने का परिपत्र जारी किया गया है। इसके पीछे का उद्देश्य प्राध्यापकों की उपस्थिति को लेकर मिलने वाली शिकायतें को रोकना है।

- बायोमेट्रिक उपस्थिति के प्रति लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ होगी :
गुजरात में फिलहाल जीएमईआरएस संबद्ध मेडिकल कॉलेजों में बायोमेट्रिक मशीन लगाए गए हैं। बायोमेट्रिक सिस्टम में दर्ज की गई उपस्थिति सीधे सेंट्रल पोर्ट में रिकॉर्ड होती है। पिछले दिनों इस संदर्भ में प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मेडिकल कॉलेजों के डीन व चिकित्सक अधीक्षक की बैठक हुई थी। इस बैठक में सभी हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत प्राध्यापकों के आने व जाने के बारे में चर्चा हुई थी। सभी मेडिकल कॉलेजों में प्राध्यापकों को समय पर आने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम में उपस्थिति दर्ज करवाने पर जोर दिया गया। इसमें यह भी चर्चा की गई कि जिस प्राध्यापक के आने व जाने का रिकॉर्ड बायोमेट्रिक में दर्ज नहीं होगा उसकी बिना वेतन अनुपस्थिति दर्ज होगी। इस आदेश के बाद सभी मेडिकल कॉलेजों ने अपने प्राध्यापकों बायोमेट्रिक तरीके से अपनी उपस्थिति बिना भूले दर्ज करवाने का आदेश दिया है।