सूरत. गुजरात के मेडिकल पाठ्यक्रमों की सीटें भरना प्रवेश समिति के लिए लोहे के चने चबाने के समान हो गया है। एमबीबीएस और डेंटल के बाद अब आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक की सीटों को भरने के लिए प्रवेश समिति को राउंड पर राउंड आयोजित करने पड़ रहे हैं। आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक की सीटों के लिए प्रवेश के चार राउंड बाद भी 1,585 सीटें रिक्त पड़ी हैं। इन्हें भरने के लिए प्रवेश के पांचवें राउंड की घोषणा की गई है।
प्रवेश समिति ने गुजरात के एमबीबीएस और डेंटल की प्रवेश प्रक्रिया के बाद आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक की प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस कारण दोनों पाठ्यक्रम की प्रवेश प्रक्रिया देर से शुरू हो पाई थी। लगा था कि प्रवेश के पहले राउंड में ही सारी सीटें भर जाएगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। सीटों को भरने के लिए प्रवेश के चार राउंड करने पड़े। इसके बावजूद भी विद्यार्थियों की जगह रिक्त सीटें ही मिली।
फिलहाल दोनों पाठ्यक्रमों को मिलाकर 1,585 सीटें खाली पड़ी है। ऊपर से प्रदेश में कई कॉलेजों को मान्यता मिलना बाकी है। जैसे-जैसे मान्यता मिलेगी, वैसे-वैसे सीटों की संख्या और बढ़ेगी। जिन्हें प्रवेश प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। हाल रिक्त सीटों के लिए विद्यार्थी नहीं मिल रहे हैं, तो प्रवेश समिति को चिंता हो रही है कि नई सीटें मिलने पर विद्यार्थी कहां से लाएंगे ? फिलहाल रिक्त सीटों के लिए विद्यार्थियों को 7 अक्टूबर तक कॉलेज चयन करने का निर्देश दिया गया है। कॉलेज चयन के अनुसार विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा।