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लोक नृत्य से आदिवासी संस्कृति बचाने का संदेश

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर रविवार को सूरत में आदिवासी समाज की ओर से रैली समेत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर...

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Message of saving tribal culture from folk dance

Message of saving tribal culture from folk dance

सूरत।विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर रविवार को सूरत में आदिवासी समाज की ओर से रैली समेत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर आदिवासी संस्कृति को बचाने का संदेश दिया गया।


आदिवासी दिवस नौ अगस्त को है, लेकिन आदिवासियों ने तीन दिन पहले ही रैली निकाल कर अपनी पहचान को बुलंद किया। दक्षिण गुजरात का बड़ा इलाका आदिवासी बाहुल है। यहां के युवा नौकरी के लिए तो विद्यार्थी पढ़ाई के लिए सूरत में रहते हंै।

बदलते माहौल के साथ आदिवासी समाज भी प्रगति कर रहा है, लेकिन आदिवासी संस्कृति लुप्त होती जा रही है। आदिवासी बोली, परंपरा और लोक नृत्य जैसी कला बचाने के उद्देश्य के साथ रैली का आयोजन किया गया।

रैली में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के युवा, वृद्घ, बच्चे, महिलाएं शामिल हुईं। रैली की शुरुआत अठवा गेट से हुई। रैली के दौरान आदिवासी वाद्य, लोकगीत, लोक नृत्य पेश किए गए। कई लोगों ने हाथों में बैनर थाम कर आदिवासी संस्कृति को बचाने का संदेश दिया। रैली शहर के विभिन्न इलाकों में घूमी।

ओडिशा के तीन वांछित गिरफ्तार

ओडिशा के आस्का थाना क्षेत्र में एक पार्षद की हत्या और उसके बाद पुलिस पर देशी बम से हमला करने से तीन गंभीर मामलों में फरार चल रहे तीन अभियुक्तों को क्राइम ब्रांच ने ओडिशा पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई कर गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच के पुलिस उप निरीक्षक एम.एस.त्रिवेदी ने बताया कि भेस्तान शिवनगर सोसायटी निवासी गौतम उर्फ शीलू पोलाई, आदित्य नाहक और वराछा धरतीनगर निवासी मुकेश शीओ ओडिशा के आस्का थाना क्षेत्र के मूल निवासी हंै। शीलू वहां शराब का ठेका चलाता था।

दूसरी बार लाइसेंस नहीं मिलने पर उसे नुकसान हुआ था, जिसकी वजह से उसने पार्षद प्रताप पोलाई की हत्या की साजिश रची। उसने पांच लाख रुपए देकर रवि नाहक, सांई पोलाई और अन्य आरोपियों को अपने साथ मिलाया। ७ नवम्बर, २०१७ को जब प्रताप पोलाई अपने परिवार के साथ बस में ब्रह्मापुर जा रहा था, उन्होंने बस रुकवाई और प्रताप की हत्या कर दी थी। इस मामले में आस्का पुलिस ने गिरोह के सात जनों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन शीलू फरार था।

आस्का से भाग कर तीन जने सूरत आ गए थे।