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कोरोना से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मॉकड्रिल

- केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में जिला अस्पतालों में देखी गई व्यवस्था

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कोरोना से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मॉकड्रिल

कोरोना से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए मॉकड्रिल

कोरोना की संभावित लहर के चलते देश के सभी सरकारी अस्पतालों में तैयारियों को परखने के लिए 27 दिसंबर को नई सिविल तथा स्मीमेर अस्पताल में मॉकड्रिल किया गया। इसमें स्टेम सेल बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर एम्बुलेंस से लाए गए मरीज को वेंटिलेटर पर रखते हुए इमरजेंसी उपचार दिया गया।

नई सिविल अस्पताल अधीक्षक डॉ. गणेश गोवेकर ने बताया कि कोरोना मरीजों के इलाज के लिए कोविड-19 अस्पताल में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हाल में 10 आइसीयू बेड के साथ 45 बेड तैयार किए गए हैं। स्टेम सेल बिल्डिंग में 900 मरीजों के लिए बेड उपलब्ध हो सकते हैं। उन्हें जरूरत के मुताबिक बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। चीन समेत अलग-अलग देशों में कोरोना के नए सब वैरिएंट बीएफ.7 के फैलने की आशंका के चलते देश के अलग-अलग अस्पतालों में मंगलवार को मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। कोविड डेडिकेटेड अस्पताल में टेस्टिंग, ओपीडी सेंटर, ब्लड डोनेशन, एक्स-रे तथा लेबोरेटरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।

डॉक्टर तथा नर्सिंग समेत अन्य स्टाफ को कोरोना की जानकारी दी गई है। मॉकड्रिल के दौरान विधायक प्रवीण घोघारी, आरएमओ डॉ. केतन नायक, कोविड नोडल ऑफिसर डॉ. अमित गामित, मेडिकल कॉलेज एडिशनल डीन डॉ. निमेष वर्मा, सिविल में एडीशनल सुप्रिटेंडेंट डॉ. धारित्री परमार समेत अन्य स्टाफ मौजूद रहे। दूसरी तरफ स्मीमेर के कोविड डेडिकेटेड अस्पताल में भी मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान मनपा आयुक्त शालिनी अग्रवाल, डॉ. आशिष नायक समेत अस्पताल के सुप्रिटेंडेंट व स्टाफ उपस्थित रहे। अग्रवाल ने स्मीमेर अस्पताल, डीसीएचसी, लिक्विड ऑक्सीजन टैंक, पीएसए प्लांट, मेडिकल गेस पाइपलाइन सिस्टम का निरीक्षण किया। मॉकड्रिल में आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर, दवाई समेत अन्य लॉजिस्टिक व्यवस्थाएं देखी गईं।