
दानह में मानसून मेहरबान
सिलवासा. प्रदेश में मानसून मेहरबान बना हुआ है। रुक-रुक कर बारिश होने से शहर की गलियों और सड़कों पर जलजमाव हो गया। सवेरे बारिश होने से विद्यार्थी एवं उद्योगकर्मी छाता एवं बरसाती से लैस होकर घरों से निकले। वापी और अन्य शहरों के लिए चलने वाली एसटी बसें देरी से चली। इससे यात्रियों को बहुत परेशानी झेलनी पड़ी।
नासिक की सहयाद्री पर्वत श्रंृखलाओं पर बारिश के चलते मधुबन डेम में 2622 क्यूसेक की दर से पानी जमा हो रहा है। पानी भरने से डेम का जलस्तर 70.55 मीटर पहुंच गया है। डेम में 17 जुलाई तक पानी का जलस्तर 71 मीटर बनाए रखना है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 61.2 मिमी बारिश हुई है। दानह में इस वर्ष मानसून आने के बाद लगातार मेहरबान है। मानसून सत्र की 17 जून को पहली बारिश हुई थी। कुछ समय शांत रहने के बाद 27 जून से मेघ मेहरबान हैं। प्रदेश में कुल 558 मिमी बारिश हो चुकी है। यह मानसून सत्र में कुल बारिश का 20 प्रतिशत है। बीती रात से लगातार बारिश के कारण सोसायटी एवं बाजारों की अंदरूनी सड़कों पर जलभराव हो गया है। सब्जी मार्केट में दलदल और कीचड़ का आलम है। पिपरिया अंबेडकर नगर की सड़कें टूट गई हैं। दिन में कई बार वर्षा हुई। इन्दिरा नगर, बाविसा फलिया में पानी के तलैया बन गए हैं। सब्जी मार्केट, इन्दिरा नगर, बस स्टैंड के पास सड़क पर जलजमाव से लोगों को परेशानी हुई। दमणगंगा के किनारे तराई वाले क्षेत्रों में पानी जमा होने से वहां के निवासियों के लिए बारिश मुसीबत बन गई। खानवेल में गटर जाम होने से पानी सड़कों पर आ गया। सीमावर्ती आंबोली, खेरड़ी, मांदोनी, सिंदोनी, कौंचा में बारिश का दौर जारी है। पर्वतीय क्षेत्रों में के गांवों में बने चेकडेम एवं तालाबों में पानी आ गया है। जंगलों में हरियाली छाने लगी है।
बारिश के चलते यातायात समस्या बढ़ी
बारिश के चलते सड़कों पर यातायात समस्या गंभीर होने लगी है। सड़कों पर जलजमाव और अतिक्रमण से वाहन धीमी गति से चलते हैं। मुख्य रोड वापी चार रास्ता, बस स्टैंड और सामरवरणी तक पार करने में वाहनों को काफी समय लग जाता है। टोकरखाड़ा में स्काई ब्रिज के अधर में लटक जाने से समस्या गहरा गई है। सड़कों किनारे लगी रेहडिय़ां, दोपहिया, ऑटो, कार पार्किंग से आवागमन समस्या बढ़ गई है। मानसून पूर्व नगरपालिका अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाकर सड़कें खाली करवाई थी, लेकिन आसपास के व्यापारी एवं फेरी वालों ने पुन: डेरा जमा लिया। पिपरिया ब्रिज से वापी सिलवासा रोड के दोनों किनारे पार्किंग और व्यापारियों के कब्जे में हैं। शहीद चौक, बस स्टैण्ड के पास वाहन निकलने के लिए जगह नहीं मिलती है। चार रास्ता, टोकरखाड़ा, कलक्टर कार्यालय, बड़ौदा बैंक, तहसीलदार कार्यालय, किलवणी नाका पर वाहनों का जाम आम बात है। टोकरखाड़ा जंक्शन पर सड़क के दोनों ओर अवैध पार्किंग से वाहनों का पूरे दिन जमावड़ा रहने लगा है। फुटपाथों पर व्यापारियों का अतिक्रमण बढ़ गया है।
Published on:
04 Jul 2018 10:38 pm
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