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सूरत. मनपा आर्थिक स्थिति से निपटने के लिए कई तरह के मार्ग तलाश रही है। तब बिल्डरों से होने वाली पेड एफएसआई की आय मनपा के लिए राहत साबित हो रही है। इस साल मनपा को पेड एफएसआई से रिकॉर्ड 600 करोड़ रुपए की आय हुई। 31 मार्च तक यह आंकड़ा 700 करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है।
मनपा के मंजूर किए प्रोजेक्ट्स प्लान के बाद अतिरिक्त निर्माण की जरूरत पड़ने पर बिल्डर मनपा को अतिरिक्त राशि चुकाकर ज्यादा एफएसआइ खरीदते हैं। मनपा प्रशासन के मुताबिक वर्ष 2021 में मनपा को पेड एफएसआई से 513 करोड़ रुपए की आय हुई थी। वित्त वर्ष 2022-23 में 15 मार्च तक पेड एफएसआई से मनपा की तिजोरी में 600 करोड़ रुपए आ चुके हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि 31 मार्च तक यह आंकड़ा 700 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। इससे पहले वर्ष 2017-18 में मनपा को 272 करोड़ रुपए की आय हुई थी।
कोरोना महामारी से घटी थी आय
मनपा प्रशासन के मुताबिक कोरोना महामारी का असर भवन निर्माण क्षेत्र पर भी पड़ा था। इस क्षेत्र ने दो से तीन वर्ष तक मंदी की मार झेली थी। इसका असर मनपा को पेड एफएसआई होने वाली आय पर भी पड़ा था। वर्ष 2020-21 के मनपा को पेड एफएसआई से सिर्फ 175 करोड़ रुपए मिले थे। हालांकि बाद के वर्षों में एक बार फिर रियलिटी सेक्टर में उछाल से मनपा की आय में भी इजाफा हुआ है।
छह सालों में पेड एफएसआई से हुई आय
वर्ष रुपए (करोड़ में)
2017-18 272.37
2018-19 442.34
2019-20 326.17
2020-21 175.34
2021-22 513.35
2022-23 595.00
Published on:
17 Mar 2023 07:47 pm
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