
सूरत.
पांच साल पूर्व पांडेसरा इलाके में सात साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अदालत ने बुधवार को आरोपित युवक को दोषी ठहराते हुए उसे दस साल के कारवास तथा तीन हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर चार माह के अतिरिक्त कारावास का आदेश दिया है।
प्रकरण के अनुसार पांडेसरा क्षेत्र निवासी सोनू कुमार शाह ने १४ अप्रेल २०१३ को सात वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था। पीडि़त बच्ची अक्सर अपने भाई बहनों के साथ उसके घर पर खेलने जाती थी। घटना के दिन शाम को वह अपने भाई के साथ खेलने के लिए गई तो सोनू ने उसे पांच रुपए दिए। कुछ देर बाद उसके भाई को घर से बाहर निकाल दिया और दरवाजा बंद कर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। पीडि़त बच्ची रोते हुए घर पहुंची और परिजनों को घटना के बारे में बताया। परिजनों ने सोनू के खिलाफ पांडेसरा थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। मामले की जांच और उसके बाद लंबे समय तक कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद बुधवार को अदालत ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने आईपीसी की धारा ३७४ (ए), ३७६(2) व पोक्सो एक्ट की धारा ३ (ए) के तहत दोषी ठहराते हुए दोषी को सात-सात साल व पोक्सो एक्ट की धारा ५(एम) के तहत दस साल की सजा सुनाई। अदालत ने सभी सजा एक साथ भुगतने का आदेश दिया है। वहीं, पीडि़ता को ५० हजार रुपए मुआवजा चुकाने का भी आदेश दिया है।
सूरत पुलिस को सफलता का इंतजार
इधर, पांडेसरा इलाके में गत ६ अप्रेल को झाडिय़ों में मिली ग्यारह वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म और हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस को सफलता का इंतजार है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उससे दरिंदगी का खुलासा हुआ था। आंध्र प्रदेश से आए एक जने ने दावा किया है कि यह बच्ची उसकी है। पुलिस ने पुख्ता शिनाख्त के लिए उसकी डीएनए जांच कराने का फैसला किया है। यदि डीएनए मैच कर जाता है तो उसकी शिनाख्त पुख्ता हो जाएगी, लेकिन उसके अपहर्ता का सुराग हासिल करना अभी भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
Published on:
18 Apr 2018 09:51 pm
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