
Narayan's identity now prisoner number 1750
सूरत।साधिका से बलात्कार मामले में आसाराम के बेटे नारायण सांई को कोर्ट से उम्रकैद की सजा मिलने के बाद अब जेल में उसकी पहचान कैदी नंबर 1750 के तौर पर होगी। बुधवार को जेल मेन्यूअल के तहत उसे कैदी के कपड़े पहनाए गए।
पीडि़ता की ओर से वर्ष 2013 में जहांगीरपुरा थाने में नारायण सांई के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज करवाया गया था। इस मामले में जांच कर रही पुलिस ने कुल 35 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। हालांकि 24 अभियुक्तों के खिलाफ उच्च न्यायालय से ट्रायल रद्द करने और एक अभियुक्त के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं होने के कारण चार्जशीट नहीं पेश की गई थी। नारायण तथा उसकी सहयोगी साधिका गंगा-जमुना, साधक हनुमान और ड्राइवर रमेश मल्होत्रा समेत दस अभियुक्तों के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई हुई।
छह साल की सुनवाई के बाद कोर्ट ने 26 अप्रेल को पांच अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए निर्दोष छोड़ दिया था, जबकि नारायण सांई, गंगा-जमुना, हनुमान और रमेश को दोषी करार दिया था। मंगलवार को कोर्ट ने नारायण सांई को उम्रकैद और एक लाख रुपए जुर्माने की तथा गंगा-जमुना और हनुमान को दस-दस साल और ड्राइवर रमेश मल्होत्रा को छह महीने की सजा सुनाई थी।
कोर्ट की ओर से सजा सुनाने के बाद जेल प्रशासन की ओर से बुधवार को नारायण को बैरक नंबर 6-सी में रखा गया है और उसे कैदी नंबर 1750 आवंटित किया गया है।
जेल अधिकारियों के मुताबिक जेल मेन्यूअल के तहत नारायण को अब कैदी के कपड़े पहनने होंगे और जेल का खाना ही खाना होगा।
दो और धर्मगुरू हैं आरोपों के कठघरे में
आसाराम के बाद बेटे नारायण सांई को बलात्कार के मामले मेें कोर्ट की ओर से उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह देश का पहला ऐसा मामला है जिसमें धर्मगुरु पिता-पुत्र को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। हालांकि सूरत में दो और धर्मगुरू बलात्कार के आरोपों में घिरे हुए हैं और उन पर भी कानून का शिकंजा कस सकता है। दिगम्बर जैन मुनि शांतिसागर के खिलाफ अक्टूबर 2017 में वड़ोदरा की युवती ने अठवा थाने में बलात्कार की शिकायत दर्ज करवाई थी।
युवती का आरोप है कि वह जब अपने माता-पिता के साथ मुनि का आशीर्वाद लेने के लिए नानपुरा के जैन देरासर पहुंची तो मुनि शांतिसागर अलग से आशीर्वाद देने के बहाने उसे अपने कमरे में ले गया और बलात्कार किया। अठवा पुलिस ने मामला दर्ज कर अभियुक्त शांतिसागर को गिरफ्तार कर लिया था, तब से वह लाजपोर जेल में कैद है।
स्वामी पतित पावन फरार
16 अप्रेल २०१९ को वेडरोड स्वामीनारायण गुरुकुल के स्वामी पतित पावन के खिलाफ एक किशोर ने यौन उत्पीडऩ की शिकायत की थी। आरोप के गुरुकुल के छात्रालय में रहने वाले किशोर को स्वामी ने एसी बंद करने के बहाने अपने कमरे में बुलाया और यौन दो बार यौन उत्पीडऩ किया। मौका मिलने पर किशोर गुरुकुल से भाग निकाला और वराछा अपने घर पहुंच कर माता-पिता को स्वामी की करतूतों के बारे में बताया। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है।
Published on:
19 May 2019 10:41 pm
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