
नर्मदा नदी में बाढ़, गोल्डन ब्रिज पर खतरे का निशान पार
भरुच. सरदार सरोवर नर्मदा बांध सें छोड़े जा रहे साढ़े आठ लाख क्यूसेक पानी के कारण नर्मदा नदी में बाढ़ आ गई है। रविवार को भरुच स्थित गोल्डन ब्रिज पर नर्मदा नदी खतरे के निशान से साढ़े चार फीट ऊपर बह रही है। जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में फंसे लोगों को रेस्क्यू किया है। साथ ही दमकल को अलर्ट पर रखा गया है।
रविवार को दिन भर नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होती रही। शाम पांच बजे से नदी का जलस्तर 28.5 फीट पर स्थिर रहा, लेकिन देर रात तक इसके 29 फीट पार होने की आशंका जताई जा रही है। नर्मदा नदी के खतरे का निशान पार कर जाने से शहर के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया। भरुच शहर के बैजलपुर बहुचराजी ओवारा से नर्मदा का पानी शहर में घुसने लगा था। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने रेस्क्यू शुरू कर दिया।
2540 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया
बाढ़ के हालात बनने पर जिले के नदी किनारे के गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने रविवार को रेस्क्यू कर 2540 लोगों का स्थांतरण किया। भरुच ग्रामीण इलाके से 443, भरुच शहर से 996,अंकलेश्वर में 812 व झगडिया से 289 लोगों को हटाया गया।
कई मार्ग पर आवागमन बंद
बाढ़ का पानी घुसने से कई स्थानों पर मार्ग बंद हो गया। झगडिया से मढ़ीघाट को जोडऩे वाले रास्ते पर पानी आने से रविवार को इसे बंद कर दिया गया। इसके अलावा छापरा की ओर जाने वाले मार्ग पर पानी भर जाने से उसे भी बंद कर दिया गया। अंकलेश्वर तहसील के कापोदरा गांव के ब्रिज पर पानी की चादर चली तो इसे भी आवागमन को बंद कर दिया गया।
सहकारिता राज्यमंत्री ने किया दौरा
प्रदेश के सहकारिता राज्यमंत्री ईश्वर पटेल ने रविवार को बोरभाठा बेट में बने राहत शिविर का दौरा किया। उन्होंने लोगों से बातचीत कर स्ििाति जानी। पटेल बाढ़ प्रभावित गांवों में भी गए।
पानी के बीच अंतिम संस्कार
नदी किनारे बनाए गए कोविड श्मशान गृह में रविवार को अंतिम संस्कार के लिए शव को पानी के बीच से लेकर आया गया। काफी दिक्कत के बीच अंतिम संस्कार हो पाया।
Published on:
30 Aug 2020 08:24 pm
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