
NATA : नाटा के एक फैसले से लाखों डिप्लोमा विद्यार्थी आर्किटेक्चर बनने से वंचित
सूरत.
डिप्लोमा छात्राएं नेशनल एप्टीट्यूट टेस्ट इन आर्किटेक्चर (नाटा) के फैसले से नाराज हैं। भविष्य की चिंता को लेकर सोमवार को सैकड़ों डिप्लोमा छात्राओं ने रैली निकाली और नाटा के फैसले के खिलाफ कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। छात्राओं का कहना है कि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह नाटा के खिलाफ आंदोलन करेंगी।
आर्किटेक्चर में प्रवेश के लिए नेशनल एप्टीट्यूट टेस्ट इन आर्किटेक्चर (नाटा) की ओर से ली जाने वाली प्रवेश परीक्षा अनिवार्य है। नाटा ने हाल ही इस परीक्षा के पात्रता स्तर में सुधार किया है। इसमें डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों को नाटा के लिए अयोग्य बताया गया है। शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए डिप्लोमा होल्डर विद्यार्थियों को बेचलर ऑफ आर्किटेक्चर के लिए अयोग्य बताने के फैसले से सूरत में डिप्लोमा की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी नाराज हैं। अठवा गेट के गल्र्स पोलीटेक्निक की सैकड़ों छात्राओं ने सोमवार को इस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कॉलेज से कलक्टर कार्यालय तक रैली निकाली। छात्राओं के हाथों में एमएचआरडी और नाटा के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करने वाले बैनर्स थे। उन्होंने कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर डिप्लोमा विद्यार्थियों को नाटा के लिए योग्य करने की मांग एमएचआरडी और नाटा तक पहुंचाने की गुहार लगाई।
छात्राओं का कहना है कि कलक्टर ने नाटा और एमएचआरडी तक ज्ञापन पहुंचाने का आश्वासन दिया है। वह एमएचआरडी और नाटा के फैसले का इंतजार करेंगी। उचित जवाब नहीं मिलने पर आंदोलन किया जाएगा और किस तरह न्याय हासिल किया जाए, इसकी रणनिति तैयार की जाएगी।
डिप्लोमा में भी होते हैं तीनों विषय
नाटा ने नए मापदंड में कहा है कि उम्मीदावार 10 प्लस 2 होना चाहिए। साथ ही, गणित विषय में 50 से अधिक अंक अनिवार्य हैं। भौतिक शास्त्र और रसायन शास्त्र में उम्मीदवार के 50 से अधिक अंक होने चाहिए। छात्राओं का कहना है कि नाटा ने यह मान कर डिप्लोमा के विद्यार्थियों को बाहर कर दिया कि डिप्लोमा में गणित, रसायन शास्त्र और भौतिक शास्त्र नहीं पढ़ाए जाते। यह सच नहीं है। डिप्लोमा के अंतिम सेमेस्टर में तीनों विषयों की पढ़ाई होती है।
Published on:
19 Feb 2019 07:54 pm
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