
स्कूल चले हम... विद्यार्थियों से गुलजार हुए सूरत के स्कूल
सूरत.
ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद शहर के अधिकांश स्कूल विद्यार्थियों के आने से फिर से गुलजार हो उठे। सोमवार को स्कूल खुलने के पहले दिन सड़कों पर स्कूल ऑटो, वैन और बसें छात्र-छात्राओं को भरकर दौड़ती नजर आई। पहले दिन बच्चों को लाने और ले जाने के लिए स्कूलों में अभिभावकों की भीड़ दिखाई दी। ज्यादातर स्कूलों के संचालकों ने नए शैक्षणिक सत्र में कदम रख रहे बच्चों का स्वागत भी किया।
गर्मियों की छुट्टियों के बाद सोमवार से राज्यभर के स्कूल शुरू हो गए। डेढ़ माह से बंद पड़े स्कूलों में सोमवार से नए शैक्षणिक सत्र 201८-1९ का आगाज हुआ। सुबह से ही शहर की सड़कों पर बच्चों से भरे स्कूल वाहन दिखाई देने लगे। इस शैक्षणिक सत्र में लाखों बच्चे ऐसे भी हंै, जो पहली बार स्कूल में कदम रख रहे थे। इन्हें अभिभावक खुद स्कूल पहुंचाने आए। कई बच्चे स्कूल में प्रवेश करते समय हंस रहे थे, तो कई अभिभावकों से बिछडऩे के गम में रो भी रहे थे। स्कूल में प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों का संचालकों ने स्वागत भी किया। कक्षा 1 से लेकर 12 तक पढ़ाई की शुरुआत हो गई है। सभी कक्षाओं में विद्यार्थियों की अच्छी खासी संख्या नजर आई।
पहला दिन होने के कारण कक्षा का अधिकांश समय गर्मियों की छुट्टियों की चर्चा करने और नए सहपाठी का स्वागत और परिचय करने में बीता। स्कूल में छुट्टी होते ही अभिभावक अपने बच्चों को लेने पहुंच गए थे। पहली बार स्कूल जाने वाले कई विद्यार्थियों के अभिभावकों ने नौकरी और अपने कामों से छुट्टी ले रखी थी। रविवार और सोमवार को स्टेशनरी खरीदने के लिए दुकानों पर अभिभावकों की भीड़ देखी गई। नई किताबों के लिए अभी भी अभिभावक बुक स्टॉल के चक्कर काट रहे हैं। गणवेश और जूतों के साथ स्कूल संबंधी अन्य सामान खरीदने के लिए दुकानों पर अभिभावकों की भीड़ रही।
फीस का मामला अभी भी विवाद में
स्कूल फीस का मामला अभी भी सुलझा नहीं है। कई स्कूलों ने पिछले गुरुवार और शुक्रवार से ही नया शैक्षणिक सत्र शुरू कर दिया था। फीस नहीं देने वाले अभिभावकों के बच्चों को संचालकों ने प्रवेश देने से मना कर दिया है। कई संचालकों ने विद्यार्थियों को स्कूल से निकाल दिया तथा एलसी थमा दिया है। फीस और किताबों को लेकर बढऩे वाला आर्थिक बोझ अभिभावकों को परेशान कर रहा है।
Published on:
11 Jun 2018 07:52 pm

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