22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

संगीता घोड़े पर, संघवी साइकिल पर पहुंचे

सूरत जिले की 16 विधानसभा सीटों के लिए नामांकन भरने के अंतिम दिन मंगलवार को भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों में शक्ति प्रदर्शन की होड़ देखने को मिली।

2 min read
Google source verification
On Sangeeta horse, Sanghvi reached the bicycle

On Sangeeta horse, Sanghvi reached the bicycle

सूरत।सूरत जिले की 16 विधानसभा सीटों के लिए नामांकन भरने के अंतिम दिन मंगलवार को भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों में शक्ति प्रदर्शन की होड़ देखने को मिली। भाजपा की संगीता पाटिल घोड़े पर सवार होकर तो हर्ष संघवी साइकिल पर नामांकन भरने पहुंचे। अंतिम समय कांग्रेस का टिकट पाने वाले धीरू गजेरा और दिनेश काछडिय़ा की रैली में हजारों बाइक सवार शामिल हुए। इनकी रैली में जय सरदार-जय पाटीदार के नारे गूंजते रहे।

लिंबायत विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की प्रत्याशी संगीता पाटिल ने अडाजण से रैली निकाली। रैली में विशेष ढोल पार्टी बुलाई गई। ढोल की धमक पर निकली रैली में भाजपा समर्थकों ने भगवा रंग की पगड़ी पहन रखी थी। संगीता पाटिल को झांसी की रानी का रूप देने के लिए उन्हें घोड़े पर तो बैठाया ही गया, उनके हाथ में तलवार भी थमा दी गई। रैली में सांसद सी.आर.पाटिल, भाजपा के शहर प्रमुख नितिन भजियावाला, किशोर बिंदल, जिग्नेश पाटिल, दिनेश पुरोहित, विजय चौमाल आदि शामिल थे। दूसरी ओर मजूरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी हर्ष संघवी ने हजारों समर्थकों के साथ साइकल रैली निकाली। वह साइकल पर ही नामांकन भरने पहुंचे।

वराछा विस्तार में कांग्रेस के धीरू गजेरा और दिनेश काछडिय़ा की रैली में उनके हजारों समर्थक बाइक पर सवार थे। उनके हाथों में कांग्रेस के झंडे थे। रैली में कई पास की टोपी में भी नजर आए। गजेरा और काछडिय़ा के समर्थकों ने जय पाटीदार -जय सरकार के नारे लगाए। लिंबायत से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ.रविन्द्र पाटिल की रैली में भी समर्थकों की भीड़ रही। करंज विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के भावेश रबारी ने भी मंगलवार को नामांकन भरा। उनकी रैली में भी समर्थकों ने जय पाटीदार-जय सरदार के नारे लगाए। नामांकन भरने के बाद भी समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की।

ढोल को लेकर विवाद

संगीता पाटिल की रैली में ढोल बजाने पर आपत्ति जताते हुए पुलिस ने ढोल बजाने वालों को रोक दिया। इससे कुछ देर विवाद की हालत रही। ढोल वालों को रोकने पर कई बड़े नेता पुलिस वालों के आसपास जमा हो गए। कुछ देर बाद मामले को जैसे-तैसे शांत किया गया और रैली फिर ढोल-ताशों की गूंज के साथ आगे बढ़ गई।

उत्तर भारतीय समाज से अजय चौधरी का परचा

सूरत ञ्च पत्रिका. याचना नहीं अब रण होगा, संघर्ष बड़ा भीषण होगा...एक सीट जीतेंगे तो तीन सीट हराएंगे...जैसे नारों के साथ मंगलवार को रेल संघर्ष समिति और समस्त उत्तर भारतीय समाज के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अजय चौधरी ने चौर्यासी विधानसभा सीट के लिए परचा भरा। सैकड़ों दोपहिया और चार पहिया वाहनों की रैली के साथ चौधरी नामांकन पत्र भरने पहुंचे।

पिछले कई चुनावों से भाजपा से टिकट की आस लगाए उत्तर भारतीयों का सब्र का बांध टूट गया। चौर्यासी और उधना सीट पर भाजपा प्रत्याशियों के नाम की घोषणा होते ही उत्तर भारतीय हिन्दी भाषी समाज की बैठक में अजय चौधरी को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चौर्यासी से चुनाव लड़ाने का निर्णय हुआ।

मंगलवार सुबह से समर्थक उधना उद्योग संघ के बाहर जमा होने लगे। काफिला करीब साढ़े 12 बजे रवाना हुआ। उधना दरवाजा होते हुए काफिला जब वनिता विश्राम ग्राउंड के समीप पहुंचा तो वहां ट्रैफिक जाम की हालत पैदा हो गई। समर्थकों ने यहां आतिशबाजी कर निर्दलीय प्रत्याशी के लिए समर्थन मांगा।

समर्थन में आए पार्षद

भाजपा के पार्षद और मनपा की स्थाई समिति के सदस्य दयाशंकर सिंह उत्तर भारतीय हिन्दी भाषी समाज के प्रत्याशी अजय चौधरी के समर्थन में खुलकर आ गए। खुली जीप पर वह चौधरी के साथ थे। भाजपा के कई कार्यकर्ता भी रैली में शामिल हुए।