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सूरत. सज्जू कोठारी और उसकी गैंग के खिलाफ शहर पुलिस ने फिर एक बार गुजसीटोक कानून के तहत शिकंजा कसा है। फरवरी महीने में धमकी देने और अधिक ब्याज वसूलने को लेकर अठवालाइंस थाने में दर्ज मामले में पुलिस ने गुजसीटोक की धाराओं को प्राथमिकी में शामिल कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि 9 फरवरी, 2021 को सज्जू कोठारी और उसके गुर्गो के खिलाफ गुजसीटोक के तहत कार्रवाई की गई थी। 15 जून, 2021 को कोर्ट से आरोपियों को जमानत मिल गई थी। जमानत मिलने के बाद भी गैंग ने अपनी अपराधिक प्रवृत्तियों को जारी रखा और रांदेर तथा अठवालाइंस थाने में उनके खिलाफ फिरौती मांगने, धमकी देने और अवैध तरीके से अधिक ब्याज वसूलने के मामले दर्ज हुए। आरोपियों का बर्ताव देखते हुए क्राइम ब्रांच पुलिस ने गैंग के खिलाफ पुलिस आयुक्त समक्ष रिपोर्ट पेश कर गुजसीटोक के तहत कार्रवाई करने की मंजूरी मांगी थी। मंजूरी मिलने के बाद पुलिस ने अठवालाइंस थाने में दर्ज मामले की प्राथमिकी में गुजसीटोक की धाराएं शामिल करने की कोर्ट से मांग की थी। कोर्ट की मंजूरी के बाद सोमवार को पुलिस ने गुजसीटोक की धाराएं शामिल करते हुए जांच शुरू कर दी है।
पंजाब पुलिस का नकली पहचान पत्र बनाकर घूम रहे युवक को दबोचा
सूरत. शहर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की टीम ने सोमवार को पंजाब पुलिस के क्राइम ऑफिसर और कान्स्टेबल के नकली पहचान पत्र के साथ एक युवक को धर-दबोचा। पूछताछ में युवक ने अपना नाम मूलत: राजस्थान और सूरत में पुणा-कुंभारिया रोड ब्रज वसुंधरा अपार्टमेंट निवासी जितेन्द्र रमेशकुमार छीपा बताया। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ा और तलाशी ली तो उसके पास से पंजाब पुलिस के क्राइम ऑफिसर और कान्स्टेबल के दो फर्जी पहचान पत्र मिले। पूछताछ करने पर उसने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उसने अपने गांव में एक युवक की मदद से बनाए थे और इसका मकसद यदि कोई पुलिस रोकती है तो पहचान बताकर छूटने का था। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
Published on:
15 Mar 2022 06:23 pm
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