
Cancer jam
सूरत।पाक सरकार का अमानवीय रवैया एक बार फिर भारतीय मछुआरे को कराची की मरीनलाधी जेल में भुगतना पड़ रहा है। मत्स्याटन के दौरान सीमा पार करने के जुर्म में गिरफ्तार गुजरात का एक मछुआरा हाल में कैंसर रोग से जूझ रहा है। वहां पर उसके उपचार में लापरवाही बरते जाने की शिकायत के आधार पर विदेश मंत्री से उसे जल्द रिहा करवाकर भारत में लाकर उपचार कराने की गुहार लगाई गई है। गत 3 मई २०१८ को गुजरात के दाना अरजण चौहान समेत अन्य मछुआरे सागरसोनू नामक बोट में सवार होकर मछली पकडऩे जखो बंदरगाह से अरब सागर में गए थे।
यहां मछली पकडऩे के दौरान पाकिस्तान मरीन सिक्युरिटी एजेंसी के जवानों ने समुद्री सीमा पार (इंटरनेशनल बॉर्डर लाइन) करने के जुर्म में दाना अरजण चौहाण समेत बोट में सवार सभी मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया और कराची की मरीनलाधी जेल में बंद कर दिया। जेल में कैद दाना चौहान की अचानक तबीयत बिगडऩे पर उसे अस्पताल ले जाया गया और वहां जांच में उसे कैंसर रोग होने का पता लगा। इस बीच यह खबर दाना के घर भी पहुंची तो उसकी पत्नी रुदीबेन समेत अन्य परिजन घबरा गए।
इसी दौरान उन्हें पता चला कि पाकिस्तान सरकार कैद मछुआरों के उपचार के प्रति गंभीर नहीं है तो दाना चौहान की पत्नी रुदीबेन ने गुजरात मत्स्योद्योग केंद्रीय सहकारी संस्था लिमिटेड के चेयरमैन वेलजी मसानी को मामले की जानकारी दी। उन्हें बताया कि पाकिस्तान की जेल में कैद कैंसरग्रस्त दाना चौहान का उपचार सही तरीके से नहीं किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में उन्हें पाकिस्तान से रिहा करवाकर भारत लाया जाए ताकि सही ढंग से इलाज करवाया जा सके। इस पर संस्था ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को पत्र लिखकर कैंसर रोग से जूझ रहे पाकिस्तान में कैद मछुआरे दाना अरजण चौहान को रिहा करवाने की गुहार की है।
पहले भी छूटे हैं मछुआरे
गम्भीर बीमारी के मामले में विदेश मंत्रालय की पहल पर पाकिस्तान सरकार ने पहले भी उपचाराधीन मछुआरों की रिहाई की है। दाना अरजण चौहान को भी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज मानवीय दृष्टिकोण से जल्द रिहाई करवाएं, इस आशय से उन्हें पत्र भेजा है।वेलजी मसानी, चेयरमैन, गुजरात मत्स्योद्योग केन्द्रीय सहकारी संस्था लिमिटेड
दिनेश भारद्वाज
Published on:
13 Jun 2018 05:14 am
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