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Navsari municipality; दो साल में पूरा नहीं हुआ पालिका भवन रिनोवेशन का काम

ठेकेदार को बदलने की कवायदनवसारी नगरपालिका का भवन 47 साल पुराना Exercise to change contractorNavsari municipality building 47 years old

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सूरत

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Sunil Mishra

Dec 11, 2019

Navsari municipality; दो साल में पूरा नहीं हुआ पालिका भवन रिनोवेशन का काम

Navsari municipality; दो साल में पूरा नहीं हुआ पालिका भवन रिनोवेशन का काम

नवसारी. 47 साल पुराने नवसारी नगरपालिका भवन के रिनोवेशन का काम स्टेबिलिटी रिपोर्ट के बिना ही दो साल पहले शुरू करवा दिया गया था, लेकिन अब तक यह पूरा नहीं हो पाया। विपक्ष ने जहां काम की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं तो नपा अब ठेकेदार को बदलने की कवायद में जुटी है।
नगर पालिका का यह भवन 1972 में बना था। करीब 47 साल बाद लोगों को आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दो साल पहले सामान्य सभा में दो करोड़ रुपए से मकान के रिनोवेशन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। टेन्डर के बाद अहमदाबाद की ज्योति इंफ्रा कंपनी को 1.80 करोड़ रुपए में इसका ठेका दिया गया। लोगों से नियम पालन का आग्रह रखने वाली नपा टीम स्वयं इस मामले में इमारत की स्टेबिलिटी रिपोर्ट करवाने की जरूरत नहीं समझी। इसके अलावा रिनोवेशन के काम की स्थिति यह है कि दो साल बाद ग्राउन्ड फ्लोर का काम भी पूरा नहीं हो पाया है।
इस काम के दौरान पीओपी की सीट लगाकर बनाई सिलिंग का हिस्सा भी टूटकर गिरने लगा है। टैक्स विभाग में लोगों के बैठने और बाद में कर्मचारियों की केबिन में सिलिंग का हिस्सा गिरने की जानकारी मिली है। इसके बाद ठेकेदार पर निम्न गुणवत्ता का थर्मोकॉल एवं पेपर से बनी सीट लगाने का आरोप लगाया जा रहा है। नपा प्रशासन पहली मंजिल पर शौचालय के पानी के लीकेज के कारण नीचे लगी सीट्स खराब होने का कारण बताकर अपना बचाव कर रहा है। वहीं, अब विपक्ष के अलावा लोग भी इस पर सवाल खड़े कर रहे हैं। विपक्ष ने इस मुद्दे पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है। ठेकेदार के काम की स्थिति को देखते हुए नपा ने ज्योति इंफ्रा का 45 लाख रुपए का बिल भी रोक दिया है और तत्काल मरम्मत का आदेश दिया है। नपा पहली मंजिल के रिनोवेशन के लिए ठेकेदार कंपनी को बदलने में जुटा है।
उल्लेखनीय है कि 2001 में भूकंप आने के बाद नपा ने भवन की स्टेबिलिटी रिपोर्ट करवाई थी। उसके बाद 19 साल बीत गए, लेकिन रिनोवेशन से पूर्व भी स्टेबिलिटी जांच नहीं की गई। विपक्ष सवाल उठा रहा है कि सिटी इंजीनियर ने रिनोवेशन से पूर्व स्टेबिलिटी की रिपोर्ट क्यों जरूरी नहीं समझी और काम की गुणवत्ता पर ध्यान भी नहीं दिया।

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नपा प्रमुख हैं विदेश में
रिनोवेशन का काम बहुत मंद गति से चल रहा है और काम भी ठीक नहीं हो रहा है। ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव बोर्ड ने रखा है। इसके आधार पर कमेटी बनाई गई है। नपा अध्यक्ष कांति पटेल के विदेश में होने के कारण बैठक नहीं हो पाई है। उनके आने पर बैठक कर दंड की कार्रवाई होगी। साथ ही उपरी मंजिल का ाकम अन्य एजेन्सी से करवाने पर विचार होगा। अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। लेकिन नपा प्रमुख के आते ही पालिका रिनोवेशन को लेकर कार्यवाही होगी।
दशरथसिंह गोहिल, मुख्य अधिकारी, नवसारी नपा।

स्टेबिलिटी रिपोर्ट न होना आश्चर्य की बात
45 साल पूर्व इमारत के रिनोवेशन से पूर्व उसकी स्टेबिलिटी रिपोर्ट नपा द्वारा न करवाना आश्चर्य की बात है। पालिका दूसरों के काम में स्टेबिलिटी रिपोर्ट की मांग करती है, लेकिन स्वयं इसका पालन नहीं किया। यह बड़ा प्रश्न है। मंद गति के काम के कारण पालिका ठेकेदार को बदलने की कवायद कर रही है। नपा ने निर्धारित समय सीमा में काम नहीं करवाया तो आंदोलन करेंगे।
पीयूष ढिम्मर, विपक्षी पार्षद, नपा।