
पारसी समाज ने मनाया 1388वां नवरोज
नवसारी. दूध में शक्कर की तरह घुल मिल गए पारसी समाज ने शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ 1388वां नवरोज मनाया।
सुबह में नवसारी के तरोटा बाजार स्थित अगियारी में अग्नि की पूजा अर्चना कर पारसी समाज के लोगों ने अपनी इष्ट देव को पुष्प अर्पण किया। पतेती के रूप में मनाए जाने वाले नववर्ष के पहले पारसी समाज के लोगों ने दस दिन तक अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पूजा की। पारसी समाज द्वारा पतेती को प्रायश्चित करने का पर्व कहा जाता है।
पतेती पर लोगों ने अपने मित्रों एवं रिश्तेदारों के घर जाकर या अपने यहां बुलाकर पर्व की बधाई देकर खुशियां मनाई। बिलीमोरा में भी पारसी समाज ने अगियारी में आतस बहेराम की पूजा अर्चना कर पतेती मनाया। जानकारी के अनुसार पारसी समाज साल में तीन नवरोज मनाते हैं और पारसी समाज के तीन कैलेन्डर हो गए हैं। जिन्हें क्रमश ईरानी, शहनशाही और पसली कहा जाता है। शुक्रवार को मनाया गया नवरोज शहनशाही कैलेन्डर के अनुसार था।
कम होने का कारण
नवसारी पारसी समाज के अग्रणी केरसी देबु ने पारसियों की कम होती जनसंख्या पर बताया कि सैकड़ों साल पहले जब पारसी संजाण उतरे तो यहां के राजा जादे राणा ने बसने से पूर्व 16 शर्तें रखी थी। जिसका पालन समाज के लोग आज भी करते हैं। जिसमे एक शर्त थी पारसी धर्मपरिवर्तन प्रवृत्ति को किसी तरह से प्रोत्साहन नहीं देंगे। जिसका पालन इस समाज ने किया है। उन्होंने कहा कि नवसारी को नवसारी नाम भी पारसियों ने दिया।
रंगपुर प्राथमिक शाला में किया रक्तदान
वांसदा. तहसील के रंगपुर प्राथमिक शाला में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। लायंस क्लब और चिखली रक्त बैंक के सहयोग से आयोजित इस शिविर में 19 युनिट रक्त एकत्र किया गया। आयोजकों ने बताया कि ग्रामीणों में रक्तदान के प्रति जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया था। इससे पूर्व सरपंच छगन भोया ने स्कूल में ध्वजारोहण किया। छात्रों ने इस दौरान प्रभात फेरी निकाली एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।

Published on:
17 Aug 2018 08:22 pm
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