
हार्दिक के समर्थन में पाटीदारों ने किए भजन-कीर्तन
सूरत. आरक्षण, किसानों को कर्ज माफी और रोजगार की मांग को लेकर अहमदाबाद में अनशन पर बैठे हार्दिक पटेल के समर्थन में सूरत में भी पाटीदार आगे आ रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में रामधुन, भजन-कीर्तन का आयोजन कर हार्दिक को समर्थन दिया जा रहा है। गुरुवार को बड़ी संख्या में पाटीदार वराछा के किरण चौक की भगवती सोसायटी में इकठ्ठे हुए। उन्होंने दिनभर भजन-कीर्तन और रामधुन के जरिए हार्दिक के स्वास्थ्य की कामना की।
अभिनंदन मार्केट से पार्टी पलायन की चर्चा, लेनदारों के लाखों रुपए फंसे
सूरत. कपड़ा बाजार में सालासर गेट के पास अभिनंदन मार्केट से साड़ी के एक व्यापारी के पलायन की चर्चा को लेकर गुरुवार को व्यापारियों में चिंता का माहौल रहा। बताया जाता है कि पलायन करने वाले व्यापारी के पास लेनदारों के लाखों रुपए फंस गए हैं।
कपड़ा मार्केट के सूत्रों के अनुसार अभिनंदन मार्केट में कुछ महीनों से व्यापार कर रहे हिन्दी भाषी व्यापारी के चार दिन से लापता होने के कारण लेनदारों को उसके पलायन की आशंका है। लेनदारों ने उससे फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन बंद आ रहा था। मोबाइल फोन लगातार दो दिन बंद होने के कारण लेनदारों ने आसपास के व्यापारियों से संपर्क किया। बताया जा रहा है कि पलायन करने वाला व्यापारी फैंसी साडिय़ों का व्यापार करता था। उसके पास पचास से अधिक व्यापारियों के 40 लाख रुपए से अधिक की राशि फंस गई है। लेनदारों ने फोस्टा से संपर्क कर रुपए दिलाने की गुहार लगाई है। सोशल मीडिया पर यह मैसेज वायरल होने पर लेनदारों की भीड़ मार्केट एसोसिएशन के बाहर जमने लगी और लोगों ने मार्केट प्रबंधन से जुड़े लोगों से संपर्क करना शुरू कर दिया। हालांकि किसी को स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
बताया जा रहा है कि इस मार्केट से एक सप्ताह में तीन और महीने में छह पार्टियां पलायन कर चुकी हैं, लेकिन व्यापारियों की ओर से शिकायत नहीं किए जाने के कारण खबर बाहर नहीं आई। आरोप लगाया जा रहा है कि मार्केट प्रबंधन से किराए के दुकानदारों की जानकारी मांगने पर भी नहीं दी गई। फोस्टा के प्रमुख मनोज अग्रवाल ने बताया कि अभिनंदन मार्केट से एक सप्ताह में तीन और एक महीने में छह पार्टियां उठ गई हैं। इस सिलसिले में गुरुवार को दो एम्ब्रॉयडरी उद्यमियों ने फोस्टा से संपर्क किया। उन्हें पुलिस में शिकायत करने के लिए कहा गया।
किराए की दुकान वालों का बायो-डाटा लिया जाए
नोटबंदी और जीएसटी के बाद कपड़ा व्यापारियों की हालत पतली है। मंदी के कारण मार्केट में दुकानें किराए पर नहीं उठ रही हैं। ऐसे में कई मालिक कम किराए पर दुकान देने को तैयार हो जाते हैं। कई बार चीटर व्यापारी उनकी लाचारी का लाभ उठा कर दुकान किराए पर ले लेतें हैं और अपना पूरा बायो-डाटा जमा नहीं कराते। वह बहाने कर टालते रहते हैं और ध्यान हटते ही लाखों का व्यापार कर पलायन कर जाते हैं। पुलिस ने ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सख्ती से बायो-डाटा के नियम पर अमल करने के निर्देश दे रखे हैं, लेकिन इसके अभाव में चीटर व्यापारियों को मौका मिल रहा है।

Published on:
30 Aug 2018 09:16 pm
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