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किडनी बिल्डिंग में शिफ्ट होगी पिड्याट्रिक, मेडिसिन और टीबी-चेस्ट की ओपीडी

- न्यू सिविल में मरीजों के लिए सुविधाओं को बढ़ाने की कवायद शुरू - सोनोग्राफी कक्ष में तुरंत करवाया सुधार, पीआइयू विभाग को पैडिंग वर्क एक माह में पूरा करने के निर्देश

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किडनी बिल्डिंग में शिफ्ट होगी पिड्याट्रिक, मेडिसिन और टीबी-चेस्ट की ओपीडी

किडनी बिल्डिंग में शिफ्ट होगी पिड्याट्रिक, मेडिसिन और टीबी-चेस्ट की ओपीडी

सोमवार को गांधीनगर से सूरत आए अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज के डीन, प्रोफेसर और अस्पताल अधीक्षक के साथ बैठक की। बैठक में इस बात पर फोकस रहा कि न्यू सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजों को तुरंत और बेहतर इलाज व सुविधाएं मिल सकें। अधिकारियों ने पिड्याट्रिक, मेडिसिन और टीबी-चेस्ट विभाग की ओपीडी को किडनी बिल्डिंग में शिफ्ट करने के निर्देश दिए। वहीं पीआइयू विभाग को पैडिंग वर्क एक माह में पूरा करने के लिए कहा है।

राज्य सरकार ने दक्षिण गुजरात के सबसे बड़े सरकारी न्यू सिविल अस्पताल में इलाज के स्तर को सुधारने की पहल की है। अहमदाबाद के बी.जे. मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. कमलेश उपाध्याय को सूरत मेडिकल कॉलेज संलग्न न्यू सिविल अस्पताल का नोडल ऑफिस बनाया गया है। डॉ. उपाध्याय सोमवार को सूरत में थे। उन्होंने ओपीडी में आने वाले मरीजों की स्थिति देखी। सोमवार का दिन होने के कारण बड़ी संख्या मरीज आए थे। मेडिसिन व टीबी-चेस्ट विभाग में भी बड़ी संख्या में मरीज थे। ओपीडी 10 में लैब टेस्ट करवाने और रिपोर्ट लेने वाले मरीजों की लंबी कतार थी। डॉ. उपाध्याय यहां से किडनी बिल्डिंग और ट्रॉमा सेंटर गए और रेडियोलॉजी विभाग का जायजा लिया। सोनोग्राफी कक्ष में गेट पर पर्दे नहीं होने पर तुरंत इसकी व्यवस्था करने को कहा।

डॉ. उपाध्याय ने मेडिकल कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल में डीन डॉ. ऋतंभरा मेहता, अधीक्षक डॉ. गणेश गोवेकर समेत अलग-अलग विभागों के एचओडी और सीनियर प्रोफेसर के साथ बैठक की। सूत्रों के मुताबिक तय हुआ कि पिड्याट्रिक, मेडिसिन और टीबी-चेस्ट विभाग को सात दिन में किडनी बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा। ओल्ड बिल्डिंग जर्जर होने के कारण मेडिसिन विभाग को पहले ही किडनी बिल्डिंग में शिफ्ट किया जा चुका है। पीआइयू विभाग को ओल्ड बिल्डिंग में पैडिंग वर्क को एक माह में पूरा करने के निर्देश दिए।

किडनी बिल्डिंग में बनेगा लैब कलेक्शन सेंटर

मरीजों के इलाज में अलग-अलग टेस्ट करवाने होते हैं। इसके लिए मरीजों को परेशान होना पड़ता है। बैठक में पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमेस्ट्री विभाग को किडनी बिल्डिंग में कलेक्शन सेंटर बनाने के लिए कहा है। मरीज को एक ही जगह पर नमूने देने और रिपोर्ट लेने की व्यवस्था होगी।

शव सौंपने के लिए केंद्रीय व्यवस्था पर जोर

न्यू सिविल अस्पताल में मृत मरीजों के परिजनों को वार्ड से शव सौंपने की कार्रवाई होती है। इस व्यवस्था में बदलाव के निर्देश दिए। फोरेंसिक विभाग (एफएमडी) को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। किडनी बिल्डिंग में 24 घंटे सातों दिन एक व्यक्ति तैनात रहेगा। अस्पताल में कहीं भी मरीजों की मौत की सूचना सबसे पहले इसी डेस्क को मिलेगी। शवों को परिजनों को सौंपने की जिम्मेदारी भी इनको ही सौंपी जाएगी।