
बारिश का जोर घटने पर लोगों ने ली राहत की सांस
नवसारी. पिछले कई दिनों से जिले में हो रही बरसात का जोर शुक्रवार से कम हो गया जिससे लोगों के साथ प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। हालांकि शनिवार को भी अच्छी खासी बरसात हुई।
गत दिनों से हो रही बरसात के कारण नवसारी और विजलपोर के कई विस्तारों में पानी भरने सेलोगों को बहुत परेशानी उठानी पड़ी थी। बरसात के कारण पूर्णा, अंबिका और कावेरी नदियों का जलस्तर बढऩे से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। शुक्रवार से बरसात कम होने नदियों का जलस्तर भी कम होने लगा। इस वजह से जिन विस्तारों में पानी भर गया था वह उतर गया।
हालांकि गणदेवी में अंबिका नदी किनारे के गांवों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। तहसील का घोल गांव तीन दिनों से मुख्य केन्द्र से कटा है। जबकि बिलीमोरा के वाडिया शिपयार्ड, गणदेवी के वेंगणिया नदी के पास तोरणगाम, कलियारी में बाढ़ का पानी न उतरने से लोगों परेशान रहे। नदियों में जलस्तर घटने से प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।
बारिश का जोर घटने के बावजूद नवसारी में शनिवार शाम 4 बजे तक बीते 24 घंटे में नवसारी तहसील में 79 मिमी (3.16 इंच), गणदेवी में 77 मिमी (3.08 इंच), जलालपोर में 69 मिमी (2.76 इंच), चिखली में 59 मिमी (2.36 इंच), वांसदा में 42 मिमी (1.68 इंच) और खेरगाम तहसील में 24 मिमी (1 इंच) बारिश दर्ज की गई। उल्लेखनिय है कि जिले में रात 12 से दो बजे के दौरान दो घंटों में ही नवसारी में ढाई इंच और जलालपोर में दो इंच बारिश हुई थी।
हर तरफ फैला है कीचड़ और गंदगी
कई दिनों की बरसात के बाद नवसारी और विजलपोर शहर के विभिन्न विस्तारों से बाढ़ का पानी उतरने के बाद कीचड़ और गंदगी फैली नजर आई।
बरसात का पानी उतरते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को सक्रिय हो गई। नवसारी और विजलपोर नगर पालिका की टीम ने कई जगहों पर सफाई करवाने के बाद डीडीटी पावडर का छिड़काव करवाया। जलभराव वाली कई जगहों पर मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए ऑयल भी डलवाया। सुबह में जिला स्वास्थ्य विभाग के बीमारी नियंत्रण अधिकारी डॉ. मेहुल डेलीवाला ने टीम के साथ कालियावाड़ी गांव के राजीव नगर मे सर्वे किया तथा घरों से पानी का सैम्पल भी जांच के लिए लेकर क्लोरिन की गोलियां बांटी।
क्षेत्र में डीडीटी पावडर और ऑयल का छिड़काव किया गया। बताया गया है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद से स्वास्थ्य टीम घर घर जाकर सर्वे कर रही है। इस दौरान सर्दी, बुखार, खांसी, दस्त के मरीजों का उपचार कर दवाईयां दी जा रही हैं। अभी तक किसी बड़ी बीमारी की जानकारी सामने नहीं आई है।
इस बारे में डॉ. डेलीवाला ने बताया कि राजीव नगर में 35 घरों में बाढ़ का पानी भर गया था। पानी निकलने के बाद स्वास्थ्य टीम ने सर्वे कर विस्तारों में चुना तथा ऑयल का छिड़काव किया। चोवीसी पीएचसी सेन्टर का स्टाफ घर-घर सर्वे कर लोगों को क्लोरीन की गोलियां दे रहा है।
Published on:
14 Jul 2018 08:34 pm
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