
पिंकी-पिंकी नोटों से बाजार हुआ गुलाबी
सूरत. रिजर्व बैंक ने जबसे दो हजार के नोटों को चलन से बाहर किया है, बाजार अचानक गुलाबी हो गया है। रिजर्व बैंक ने हालांकि इन्हें बदलवाने के लिए पर्याप्त समय दिया है, लेकिन लोग बैंकों में नोट बदलवाने की जगह इन नोटों से खरीदारी करने के विकल्प को ज्यदा व्यावहारिक मान रहे हैं। दो हजार के नोट की बंदी का ही असर है कि पेट्रोलपंप, ज्वेलरी शोरूम और मॉल्स में गुलाबी रंगत दिखने लगी है। जिन्हें बाजार में खरीदारी से परहेज है, साल 2016 की तरह बैंकों की कतार में लगे हैं।
रिजर्व बैंक ने बीती 19 मई को अचानक दो हजार रुपए के नोटों को वापस लेने का ऐलान किया था। हालांकि नोट बदलने के लिए रिजर्व बैंक ने लोगों को 30 सितंबर तक का वक्त दिया था, लेकिन इस फैसले ने लोगों के दिल की धड़कनें बढ़ा दी थीं। नोटों को बदलने की प्रकिया 23 मई से शुरू होनी थी। कई लोगों ने नोट बदलने की बजाय गुलाबी नोटों से खरीदारी करने के विकल्प को तरजीह दी। नतीजा यह रहा कि 19 मई से ही बाजार में गुलाबी रंगत बिखरने लगी। पेट्रोल पंप हों या शॉपिंग माल्स और ज्वैलरी शोरूम, जिसे जहां मौका मिला नोट बदलवाने के लिए बाजार का रुख किया। यह आरबीआई के ऐलान का ही असर है कि जो गुलाबी नोट मार्केट से गायब हो चुके थे, अब वे फिर से बाजार में दिखने लगे हैं। कई लोगों ने अपने बैंक खातों में ही नोट जमा कराने का सिलसिला भी शुरू कर दिया। नोटों के बदलने का सिलसिला शुरू होने से पहले ही शहर के बैंकों में करीब साढ़े चार सौ करोड़ रुपए मूल्य के नोट बैंकों में वापस आ गए।
सोमवार से बैंकों ने भी दो हजार के नोटों को बदलना शुरू कर दिया। नोट बदलने के लिए लोग बैंकों में पहुंचने लगे और बैंक काउंटरों पर लोगों की कतार लगी देखी गईँ। हालांकि इस बार नोट बदलने के लिए आरबीआई ने पर्याप्त समय दिया है, इसलिए लोगों में साल 2016 जैसी बेचैनी नहीं दिखी। साल 2016 में बैंकों के बाहर तक लोगों की कतारें लगी थीं। गौरतलब है कि 30 सितंबर तक दो हजार के नोटों को बैंकों में बदलने के साथ ही खातों में भी जमा कराया जा सकता है। इसके अलावा बाजार में भी इन नोटों का चलन 30 सितंबर तक जारी रहेगा।
Published on:
23 May 2023, 9:46 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.