
PM Modi to vote for the first time
सूरत।इस बार का विधानसभा चुनाव इस मायने में भी खास है कि देश के प्रधानमंत्री पहली बार गुजरात विधानसभा के लिए मतदान करेंगे। हालांकि गुजरात ने ४० साल पहले भी देश को प्रधानमंत्री दिया था, लेकिन उनके कार्यकाल में प्रदेश विधानसभा का चुनाव नहीं हुआ।
गुजरात विधानसभा के लिए नौ और १८ दिसंबर को मतदान होना है। यह पहला मौका है, जब देश का कोई प्रधानमंत्री गुजरात विधानसभा चुनावों के लिए मतदान करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात विधानसभा के लिए मतदान करते ही प्रदेश को यह गौरव हासिल हो जाएगा। इमरजेंसी के बाद 1977 में हुए लोकसभा चुनाव में जब जनता पार्टी की सरकार बनी थी, मोरारजी देसाई ने २४ मार्च, १९७७ को प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उनका कार्यकाल छोटा रहा। दो साल १२६ दिन बाद २८ जुलाई, १९७९ को उन्हें पद छोडऩा पड़ा था।
मोरारजी के प्रधानमंत्री बनने से पहले १९७५ में गुजरात विधानसभा के चुनाव हुए थे। प्रदेश की छठी विधानसभा के लिए वर्ष १९८० में चुनाव हुए। इस वजह से मोरारजी प्रधानमंत्री रहते विधानसभा के लिए मतदान नहीं कर पाए। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। प्रदेश के गठन के ५७ साल बाद देश के प्रधानमंत्री विधानसभा चुनाव में मतदान करेंगे।
जुलूस के साथ पहुंचे, नामांकन पत्र भरा
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व कालावड के पूर्व विधायक आर.सी. फळदू ने मंगलवार को नामांकन दाखिल किया। फळदू ने मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की उपस्थिति में पर्चा भरा। इसके लिए मुख्यमंत्री खुद जामनगर पहुंचे।
कांग्रेस हार्दिक, अल्पेश व जिग्नेश की शरण में : सीएम
फळदू के कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि कांग्रेस आगामी चुनाव हारने का समक्ष गई है। इसलिए हार्दिक, अल्पेश व जिग्नेश के शरण में हैं, लेकिन भाजपा १५० से अधिक सीटें हासिल करेगी।
जोली बंगला के पास चुनाव कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता एवं विकासधारा के साथ जुड़े हैं। भाजपा के पास नेता भी हैं और नियत भी। गुजरात के विकास से कांग्रेस घबरा गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए विकास मजा होगा, लेकिन भाजपा के लिए विकास मिजाज है।
इस मौके पर मंत्री चिमनभाई सापरिया, सांसद पूनमबेन माडम, विधायक वसुबेन त्रिवेदी, राघवजी पटेल, हकुभा जाडेजा, जिला अध्यक्ष चंद्रेशभाई पटेल, महापौर प्रतिभाबेन कनखरा उपस्थित रहे।
शक्ति प्रदर्शन के बाद निर्दलीय प्रत्याशी ने भरा नामांकन पत्र
आणंद. बोरसद विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सुरेशभाई परमार ने मंगलवार को शक्ति प्रदर्शन के बाद नामांकन पत्र भरा। कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली बोरसद विधानसभा सीट पर बोरसद नगर पालिका के पार्षद सुरेश परमार का क्षत्रिय एवं अन्य समाज पर भी प्रभुत्व माना जाता है। मंगलवार को नामांकन पत्र भरने से पूर्व उन्होंने विशाल रैली निकाली। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र भरा। बोरसद के इतिहास में पहली बार है जब समर्थकों की इतनी बड़ी भीड़ निर्दलीय उम्मीदवार के साथ खड़ी हुई। शक्ति प्रदर्शन से राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गईं हैं। बोरसद विधानसभा सीट पर वर्षों से कांग्रेस का बोलबाला रहा है।
1994 में सोलंकी के खिलाफ गोहिल ने खोला था मोर्चा
वर्ष १९९४ में इस सीट पर पूर्व विधायक उम्मेदभाई गोहिल ने भारतसिंह सोलंकी के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मोर्चा खोला था। उस दौरान भी गोहिल के साथ बड़ी संख्या में भीड़ जमा हुई थी। हालांकि उससे भी अधिक भीड़ मंगलवार को सुरेश परमार के साथ देखी गई।
आणंद जिले की सात विधानसभा सीटों में से खंभात, सोजित्रा, उमरेठ, आंकलाव के लिए भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। इसके बाद असतुंष्ट कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे देने शुरू कर दिए हैं। हालांकि भाजपा इसे नजरअंदाज करती नजर आ रही है। सोजित्रा सीट के भाजपा प्रत्याशी विपुलभाई पटेल ने शुक्रवार को विशाल रैली के साथ नामांकन पत्र भरने की घोषणा की है। माना जा रहा हैकि है कि कांगे्रस की ओर से सीटिंग विधायकों को टिकट देना तय है। कांग्रेस के चारों विधायकों ने आगामी गुरुवार को विशाल रैली के साथ नामांकन पत्र भरने की घोषणा की है।
Published on:
22 Nov 2017 04:34 am
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