14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पीएनजी भरा मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से उतरा

वलसाड स्टेशन की घटनापिछले 10 दिनों में मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से दूसरी बार उतर गया

2 min read
Google source verification

सूरत

image

Sunil Mishra

May 24, 2018

patrika

पीएनजी भरा मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से उतरा


वलसाड. वलसाड रेलवे स्टेशन के पास ज्वलनशील पदार्थ भरकर जाती मालगाड़ी का एक डिब्बा पटरी से उतर गया। डिब्बा उतरने की जानकारी मिलने पर रेलवे अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए।
सूरत से मुम्बई की ओर पीएनजी गैस भरकर जाती मालगाड़ी का एक डिब्बा प्लेटफार्म नम्बर 3 के पास पटरी से उतर गया। जोरों की आवाज से साथ गाड़ी रुक गई। हालांकि ज्वलनशील पीएनजी गैस से भरा वैगन न पलटा न ही लीकेज हुआ। इससे बड़ा हादसा होने से बच गया। डिब्बे के पटरी से उतरते ही सायरन बजने लगे और रेल अधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंचे तथा राहत कार्य शुरू करवाया। पता चला है कि पटरी का एक हिस्सा टूटा हुआ था। इसी वजह से डिब्बा पटरी से उतर गया। ट्रेन की गति धीमी होने से कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई।
वलसाड रेलवे स्टेशन पर इसी पटरी से पिछले 10 दिनों में मालगाड़ी के उतरने की यह दूसरी घटना है। इसके बावजूद रेलवे के अधिकारी सुरक्षा पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

गांवों में खुलेगी अंग्रेजी स्कूलें
सिलवासा. जिला पंचायत अगले शिक्षण सत्र में गुजराती के साथ अंग्रेजी कक्षाएं चालू करेगा। विद्यार्थियों की अंग्रेजी के प्रति बढ़ती रुचि को देखते हुए जिला पंचायत सभी ग्राम पंचायतों में अंग्रेजी कक्षाएं आरम्भ करने जा रहा है। इसके लिए प्राथमिक शिक्षण विभाग ने बाकायदा तैयारी कर ली है। आदिवासी बाहुल्य खानवेल, रूदाना, आंबोली, सुरंगी, मांदोनी, सिंदोनी, दुधनी और कौंचा में भी अंग्रेजी कक्षाएं आरम्भ होंगी।
प्राथमिक शिक्षा अधिकारी जयेश भंडारी ने बताया कि अंग्रेजी शाला खोलने के लिए तैयारी चल रही है। अंग्रेजी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम के 176 अध्यापकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। इसमें प्राथमिक स्कूलों के लिए 126 तथा उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए 50 अध्यापकों की भर्ती होगी। स्कूलों में गुजराती माध्यम के अध्यापक सरप्लस चल रहे हैं। बिना टेट उत्तीर्ण वाले 62 अध्यापकों की छुट्टी के बाद स्कूलों में गुजराती माध्यम के अध्यापकों की कमी नहीं रहेगी।