गोड़ादरा में बच्ची से बलात्कार-हत्या का मामला, नमूने और कपड़े जांच के लिए भेजे
सूरत. गोड़ादरा में साढ़े तीन साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या के आरोप में गिरफ्तार अभियुक्त अनिल यादव का मंगलवार को स्मीमेर अस्पताल में पोटेंसी टेस्ट करवाया गया, जो पॉजिटिव आया। इसके अलावा डीएनए जांच के लिए नमूने लिए गए तथा वारदात के वक्त पहने गए उसके कपड़े जब्त कर जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजे गए।
वारदात के बाद फरार अनिल यादव को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार को सूरत लाने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने 30 अक्टूबर तक का रिमांड मंजूर किया। रिमांड के दौरान पुलिस उससे पूछताछ करने के साथ वैज्ञानिक सबूत इकठ्ठे कर रही है। मंगलवार को पुलिस उसे स्मीमेर अस्पताल ले गई। यहां उसका पोटेंसी टेस्ट किया गया, जो पॉजिटिव आया। इसके अलावा डीएनए जांच के लिए नमूने लिए गए। पुलिस ने बताया कि वारदात के वक्त उसने जो कपड़े पहने थे, वह बरामद कर लिए गए हैं और फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं। गौरतलब है कि गोड़ादरा क्षेत्र निवासी साढ़े तीन साल की बच्ची लापता हो गई थी। उसका शव अनिल यादव के कमरे से मिला था। पुलिस ने बलात्कार और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की और उसे बिहार से पकड़ लिया था।
तहसीलदार, चालक सात लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
सूरत. जमीन की गिनती में सरकारी रिकॉर्ड पर दर्ज गलती में सुधार के लिए सात लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मजूरा तहसीलदार और उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया।
ब्यूरो के मुताबिक वेसू गांव के एक व्यक्ति की जमीन की गिनती में सरकारी रिकॉर्ड पर गलती दर्ज थी। इसे सुधारने के लिए उसने अर्जी दी थी। मामले की सुनवाई मजूरा तहसीलदार कर रहे थे। तहसीलदार राजेन्द्र फतेसिंह चौधरी ने जमीन मालिक के पक्ष में आदेश करने के लिए सात लाख रुपए की रिश्वत की मांग की। जमीन मालिक ने ब्यूरो से शिकायत की। मंगलवार को ब्यूरो के अधिकारियों ने जाल बिछाया। तहसीलदार ने जमीन मालिक के पक्ष में आदेश करते हुए सात लाख रुपए अपने चालक नरेशकुमार बंसीलाल खटीक को देने के लिए कहा। जैसे ही चालक ने सात लाख रुपए स्वीकार किए, ब्यूरो ने चालक और तहसीलदार को पकड़ लिया। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।