
न्यू सिविल अस्पताल में टोकन नम्बर से केस पेपर देने का ट्रायल शुरू
सूरत.
न्यू सिविल अस्पताल में अब मरीजों को केस पेपर लेने के लिए लम्बी कतार में खड़ा नहीं होना होगा। अस्पताल प्रशासन ने मंगलवार से टोकन सिस्टम का ट्रायल शुरू किया है। मरीजों को टोकन देने के लिए अलग खिडक़ी बनाई गई है। ओपीडी परिसर में उनके बैठने के लिए कुर्सियां भी लगा दी गई हैं। डिस्पले पर नम्बर आने के बाद मरीज को चिन्हित खिडक़ी से केस पेपर मिलेगा।
दक्षिण गुजरात के सबसे बड़े सरकारी न्यू सिविल अस्पताल में प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीज ओपीडी में आते हैं। इनमें सूरत शहर और जिले के अलावा भरुच, नवसारी, तापी, वलसाड जिले के साथ-साथ महाराष्ट्र के निकटवर्ती क्षेत्रों के लोग शामिल हैं। मरीजों को केस पेपर लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। उन्हें लम्बी कतार से गुजरना पड़ता था। राज्य स्वास्थ्य सचिव पूनमचंद परमार के न्यू सिविल अस्पताल के दौरे पर मरीजों को केस पेपर देने की व्यवस्था पर चर्चा हुई थी। परमार ने टोकन सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए थे।
टोकन सिस्टम लागू करने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से रोडमैप तैयार किया गया। मरीजों को टोकन देने के लिए न्यू सिविल अस्पताल के मेन गेट के बाहर खिड़कियां बनाई गई हैं। दो-दो खिड़कियां महिला और पुरुष वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं। ओपीडी परिसर में तीन डिस्पले टीवी लगाए गए हैं। इन पर मरीजों के टोकन नम्बर डिस्प्ले किए जाएंगे कि उन्हें किसी खिडक़ी से केस पेपर लेना है।
अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल इसे ट्रायल बेसिस पर शुरू करने की जानकारी दी है। टोकन सिस्टम शुरू करने की डेडलाइन एक अगस्त थी, लेकिन इसमें ढाई महीने की देर हो गई। मरीजों को टोकन लेने के बाद एक छोटी स्लिप मिलेगी। इसमें मरीजों को अपनी जानकारी भरनी होगी। अनपढ़ लोगों की मदद के लिए नर्सिंग स्टूडेंट को तैनात करने की व्यवस्था की गई है।
गर्भवती महिला और बच्चों के लिए अलग व्यवस्था
न्यू सिविल अस्पताल में गायनेक तथा पिड्याट्रिक विभाग में जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत ओपीडी में ही केस पेपर निकालने की व्यवस्था की गई है। ट्रायल बेसिस पर शुरू हुए टोकन सिस्टम में गायनेक और पिड्याट्रिक ओपीडी में केस पेपर देने की व्यवस्था पहले के मुताबिक रखी गई है। इन मरीजों के लिए सीधे गायनेक, पिड्याट्रिक ओपीडी विभाग में जाकर केस पेपर लेने की व्यवस्था की गई है।
मरीजों को राहत
मरीजों के लिए टोकन सिस्टम का ट्रायल शुरू किया गया है। सिस्टम शुरू होने पर जिन दिक्कतों का पता चलेगा, उन्हें दूर करेंगे। टोकन सिस्टम लागू होने से मरीजों को राहत मिलेगी।
डॉ. एम.सी. चौहाण, आरएमओ, न्यू सिविल अस्पताल
Published on:
24 Oct 2018 12:56 pm
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