
Rainwater
सूरत।प्रदेशभर में इन दिनों चल रहे जल संचय अभियान सुजलाम सुफलाम को लेकर राज्य सरकार ही नहीं, स्थानीय मशीनरी भी जमीन आसमान एक किए हुए है। मनपा प्रशासन ने शहरभर में जल संचय अभियान को लेकर मुहिम छेड़ रखी है। इसे और आगे बढ़ाते हुए सुजलाम सुफलाम के तहत रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर भी काम शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए जन जागरुकता अभियान का सहारा लिया जाएगा। जल स्रोतों को मानसून से पहले दुरुस्त करने और जल सहेजने लायक बनाने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेशभर में सुजलाम सुफलाम अभियान शुरू किया है।
इसके तहत मनपा प्रशासन तापी तटों की सफाई के साथ ही नदी से जलकुंभी निकालने और नदी में गिर रहे सीवेज को रोकने की कवायद कर रहा है। साथ ही नए रिचार्ज बोर बनाने और पुराने रिचार्ज बोर की साफ-सफाई के लिए अधिकारियों को पाबंद किया गया है। हाइड्रोलिक विभाग ने इसके साथ ही अब रेन वाटर हार्वेस्टिंग को भी सुजलाम सुफलाम से जोड़ लिया है।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए आगामी दिनों में जोनवार सेमिनार आयोजित करने की तैयारी है। इन सेमिनारों में लोगों को बताया जाएगा कि सोसायटियों और रॉ हाउस और बंगलों में किस तरह रेन वाटर हार्वेस्टिंग की जा सकती है। गौरतलब है कि वर्ष २००५ में इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य कर दिया गया था। उससे पहले की इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग कराने पर सरकार से सब्सिडी की व्यवस्था है।
अब तक ३१ ने मांगी जानकारी
एक डाटा के मुताबिक अब तक शहर के ३१ लोगों और संस्थाओं ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग के बारे में जानकारी मांगी है। इन्हें शहर में काम कर रही तीन एजेंसियों को रेफर किया गया है। सेमिनार में इन लोगों के साथ ही तीनों एजेंसियों को भी बुलाया जाएगा।
नहीं हो रहा काम
वर्ष २००५ के बाद बहुमंजिला इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य किया जा चुका है। नई बन रही इमारतों को मनपा से एनओसी लेने से पहले इस पर अमल करना होता है। इसके बावजूद शहर की अधिकांश इमारतों में इस पर अमल नहीं हुआ है। जानकारों की मानें तो इसके लिए मनपा अधिकारी ही जिम्मेदार हैं। उनकी लापरवाही के कारण बिल्डर्स इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सर्वे के अभाव में मनपा के पास भी ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है कि शहर में कितनी इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की गई है।
Published on:
24 May 2018 10:45 pm
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