
RAKHI PARV: भाईयों की कलाई पर सजा बहनों के प्यार का बंधन
सूरत. रक्षाबंधन का त्योहार गुरुवार को रात्रि में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान बहनों ने भाईयों की कलाई पर प्यार के सुनहरे रंग के रक्षासूत्र बांधे और भेंट-सौगात के साथ सुरक्षा का वचन भाई से लिया। गुरुवार को दिनभर भद्राकाल रहने से सामान्य तौर पर राखी बांधने की परम्परा को टाला गया था वहीं, शुक्रवार सुबह में भी लोग राखी का त्योहार मनाएंगे।
पौराणिक मान्यता है कि भद्राकाल में राखी बांधना मंगलदायक नहीं होता और इसलिए इस अवधि को टालने की परम्परा है। गुरुवार को भी इस परम्परा का पालन रक्षाबंधन के मौके पर सूरत समेत दक्षिण गुजरात के अधिकांश हिस्सों में किया गया। हालांकि भद्राकाल के दौरान लोगों ने शिवालय में जलाभिषेक किया और दूरदराज स्थित परिजन, रिश्तेदार, ईष्ट-मित्रों से फोन पर बातचीत की। सुबह 10 बजकर 38 मिनट से लगे भद्रा काल का क्षय रात्रि 8 बजकर 50 मिनट पर होने के बाद घर-घर में बहनों ने पूजा-सामग्री से सजे थाल लेकर भाईयों की दिनभर से सूनी कलाई पर तरह-तरह की राखियां बांध आरती उतारी। रक्षाबंधन पर्व मनाने का दौर गुरुवार रात दस बजे तक चलता रहा। वहीं, कई लोग शुक्रवार सुबह में रक्षाबंधन पर्व मनाएंगे।
-घरों में की गई श्रवण पूजा
श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर भद्राकाल शुरू होने से पहले ही ज्यादातर महिलाओं ने घरों के मुख्यद्वार, पूजास्थल आदि के बाहर श्रवण की पूजा की। कई श्रद्धालु रक्षाबंधन के मौके पर नजदीक स्थित मंदिरों में पहुंचे और वहां भगवान की प्रतिमाओं को रक्षासूत्र बांधे। वहीं, इस मौके पर कई जगह दान-पुण्य का दौर भी दिनभर चलता रहा।
-बाजार में रही चहल-पहल
रक्षाबंधन के मौके पर बहनों ने भाईयों को रात्रि में राखी बांधी लेकिन, इससे पहले सुबह से शहर के विभिन्न क्षेत्र स्थित बाजार में चहल-पहल बनी रही। इस दौरान इलेक्ट्रोनिक आयटम, ज्वेलर्स, गिफ्ट आयटम समेत अन्य कई प्रतिष्ठानों के अलावा मिठाई विक्रेताओं के यहां लोगों की भीड़ खरीदारी करती दिखाई दी।
सामूहिक रूप से बदली यज्ञोपवीत
सूरत. रक्षाबंधन के अवसर पर ब्रह्म समाज की ओर से गुरुवार को श्रावणी कर्म का पालन किया गया। इस मौके पर शहर के विभिन्न मंदिरों व अन्य स्थलों पर सामूहिक यज्ञोपवीत परिवर्तन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान मौजूद विप्रजनों ने मंत्रोच्चार से जाने-अनजाने वर्षभर पापकर्म की क्षमायाचना श्रावणी उपाकर्म के माध्यम से भगवान सूर्यदेव, गायत्री मां और सप्त ऋषियों से की। श्रावणी कर्म के दौरान पितृ-तर्पण, यज्ञ-हवन आदि के आयोजन भी किए गए। इसी सिलसिले में समस्त ब्राह्मण समाज की ओर से श्रावणी कर्म कार्यक्रम का आयोजन सुबह वराछा स्थित कर्मनाथ महादेव मंदिर प्रांगण में सामूहिक रूप से किया गया।
कांवड़ यात्रा में गूंजा बोल बम-तारक बम
सूरत. श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर गुरुवार को प्रेमप्रकाश आश्रम ट्रस्ट की ओर से कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में शामिल कांवडिय़ों ने गंगा व नर्मदा जल कांवड़ में भरकर सिटीलाइट से कांवड़ यात्रा की शुरुआत की और बाद में प्रेमप्रकाश आश्रम स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया। इस दौरान शंभु ओंकारा अविनाशी गंगाधर कैलाशी...संकीर्तन के साथ आरती, पूजा की गई। इस दौरान संत नारायणदास, संत पुष्करराज, संत निर्मलदास, आचार्य भूपेंद्र महाराज, शोभाराम गुलाबवानी, प्रताप तनवानी आदि मौजूद थे।
श्रावण पूर्णिमा पर निकली पदयात्रा
सूरत. श्रीखेतेश्वर पैदल यात्रा संघ की ओर से श्रावण पूर्णिमा गुरुवार को 81वीं पद यात्रा निकाली गई। पद यात्रा की शुरुआत सुबह परवत पाटिया स्थित संत खेतेश्वर सर्कल से की गई। यात्रा में शामिल श्रद्धालु महिला-पुरुष विभिन्न मार्ग से होकर खटोदरा स्थित संत खेतेश्वर मंदिर पहुंचे और वहां यज्ञ-हवन, आरती-पूजा आदि कार्यक्रमों में भाग लिए।
भवन स्टाफ को बांधी तिरंगा राखी
सूरत. अग्रवाल विकास ट्रस्ट, महिला शाखा की ओर से गुरुवार को सिटीलाइट स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। कार्यक्रम में शाखा की सदस्यों ने भवन के जनरल मैनेजर अरुण पांडे सहित समस्त सहकर्मियों को तिलक लगाकर स्पेशल तिरंगा राखी बांधी। इस अवसर पर सुधा चौधरी, शालिनी कनोडिया, राखी जैन, रुचिका रुंगटा, दीपाली सिंघल, अनुराधा जालान, निशा केडिया, रीना अग्रवाल आदि मौजूद थी।
Published on:
11 Aug 2022 09:17 pm
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