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जनरल टिकट होने के बाद भी वसूला जुर्माना, रसीद नहीं दी

टिकट चैकिंग स्क्वॉयड सूरत स्टेशन पर यात्रियों को रोककर जनरल टिकट होने पर भी कोई न कोई नियम बताकर जुर्माना वसूल करता है। ताजा...

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Recovery penalties after receipt of general ticket, did not get receipt

Recovery penalties after receipt of general ticket, did not get receipt

सूरत।टिकट चैकिंग स्क्वॉयड सूरत स्टेशन पर यात्रियों को रोककर जनरल टिकट होने पर भी कोई न कोई नियम बताकर जुर्माना वसूल करता है। ताजा मामला १७ अगस्त को सामने आया, जिसमें टिकट चैकिंग स्टाफ ने दो यात्रियों से जनरल टिकट होने के बाद भी साढ़े पांच सौ रुपए जुर्माना वसूल किया और रसीद नहीं दी।

१९०४५ ताप्ती गंगा एक्सप्रेस तथा १२९४७ सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में सबसे अधिक टिकट चैकिंग स्क्वॉयड जुर्माना वसूलने के लिए नियुक्त किए जाते हंै। पश्चिम रेलवे के मुम्बई रेल मंडल में सीनियर डीसीएम आरती सिंह परिहार समय-समय पर टिकट चैकिंग स्क्वॉयड को अधिक जुर्माना वसूली के निर्देश देती रहती हैं। टिकट चैकिंग स्टाफ जुर्माना वसूलने के दबाव में ग्रामीण इलाकों से सूरत आने वाले यात्रियों से अवैध वसूली से भी बाज नहीं आते।

उत्तरप्रदेश के महुआ जिला निवासी पंडित गिरजा आचार्य (४५) 17 अगस्त को सुबह छह बजे ट्रेन से वड़ोदरा से सूरत पहुंचा था। प्लेटफॉर्म संख्या दो से एक की ओर जाने के दौरान फुटओवर ब्रिज पर टिकट चैकिंग स्टाफ के ग्रुप ने उसे रोक लिया। टिकट मांगने पर गिरजा आचार्य ने मोहदा से सूरत के लिए खरीदा गया जनरल टिकट दिखाया। स्टाफ ने उससे कहा कि उसे भुसावल से सूरत के लिए ट्रेन पकडऩी चाहिए थी। टिकट होने के बाद भी जुर्माना वसूलने की बात सुनकर गिरजा परेशान हो गया।

टिकट चैकिंग स्टाफ ने उसका जनरल टिकट नहीं लौटाया और उससे जबरन तीन सौ रुपए तथा उसके साथी सुनील से ढाई सौ रुपए लेकर भगा दिया। गिरजा ने राजस्थान पत्रिका को बताया कि टिकट चैकिंग स्टाफ ने यह कहते हुए कि वड़ोदरा से सूरत क्यों आया, उसकी जेब से जबरदस्ती रुपए निकाल लिए। उसके अलावा दूसरे लोगों को भी इसी तरह रोककर जुर्माना वसूल किया जा रहा था। विवाद के कारण उसे एक घंटे खड़ा रखा गया।

इस दौरान करीब पंद्रह हजार रुपए जमा करने के बाद टिकट चैकिंग स्टाफ वहां से चला गया। उल्लेखनीय है कि २८ मई को इसी तरह उधना स्टेशन पर दो यात्रियों से टिकट चैकिंग स्टाफ ने प्लेटफॉर्म टिकट का समय पूरा हो जाने के कारण जुर्माना वसूला था और रसीद नहीं दी थी। इस मामले को राजस्थान पत्रिका ने २९ मई के अंक में प्रकाशित किया था, लेकिन टिकट निरीक्षक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

यूपी-बिहार की ट्रेनों पर रहता है निशाना

पश्चिम रेलवे के मुम्बई रेल मंडल में सूरत सबसे अधिक आय देने वाला स्टेशन है। इसमें यूपी-बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों का सबसे अधिक योगदान है। सूरत, उधना, वलसाड तथा बान्द्रा टर्मिनस से शुरू होने वाली सूरत-छपरा ताप्ती गंगा एक्सप्रेस, सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस, उधना-दानापुर एक्सप्रेस, उधना-वाराणसी भोलेनगरी एक्सप्रेस, सूरत-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस, बान्द्रा टर्मिनस-मुजफ्फरपुर/गोरखपुर अवध एक्सप्रेस, वलसाड-सोनपुर श्रमिक एक्सप्रेस, वलसाड-कानपुर उद्योगकर्मी एक्सप्रेस में सबसे अधिक टिकट चैकिंग स्टाफ की मौजूदगी देखने को मिलती है। टीसी कम पढ़े-लिखे यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं और मन माफिक राशि वसूल कर रसीद नहीं देते।