
एयरपोर्ट पर डाला लंगर, रिहायशी प्रोजेक्ट्स के लोगों की शिकायत- नोटिसों ने मानसिक शांति भंग कर दी
सूरत. एयरपोर्ट के आसपास फ्लाइंग एरिया की जद में आ रहे प्रोजेक्ट्स का मामला मंगलवार को गरमा गया। इन प्रोजेक्ट्स में रह रहे लोगों का हुजूम शाम पांच बजे एयरपोर्ट के बाहर जमा हो गया। बाद में एक प्रतिनिधिमंडल एयरपोर्ट अथॉरिटी प्रशासन से मिला और अपना पक्ष रखा। एयरपोर्ट प्रशासन ने मामले को डीजीसीए के सामने रखने का आश्वासन दिया है।
सूरत एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए तैयार करना है। इसके लिए रनवे की लंबाई बढ़ाई जानी है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों वाले बड़े एयरक्राफ्ट्स को लैंड करने और टेकऑफ करने के लिए बड़ा फ्लाइंग एरिया चाहिए होता है। जब से यह मुहिम शुरू हुई है, परिसर के आसपास बने १७ प्रोजेक्ट्स के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। करीब दो साल से एयरपोर्ट प्रशासन माप-जोख के लिए सर्वे कराने के साथ ही इन 17 प्रोजेक्ट्स की 70 बिल्डिंग्स में रह रहे लोगों को नोटिस भेज रहा है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी का आरोप है कि इन सभी प्रोजेक्ट्स की हाइट तय मानक से अधिक है। विमानों को पूरा फ्लाइंग एरिया देने के लिए तय हाइट से ऊपर के फ्लैट्स को ढहाया जाएगा। उधर, बिल्डिंगों में रह रहे लोगों का कहना है कि जब प्रोजेक्ट्स तैयार हो रहे थे, एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इसका ध्यान नहीं रखा। अब जबकि लोग रहने लगे हैं, इस तरह के नोटिस उनकी मानसिक शांति को भंग करते हैं। जब उन्होंने फ्लैट्स खरीदे थे, सभी संबंधित पक्षों की क्लीयरेंस की जांच की थी और बैंकों ने भी इसी क्लीयरेंस के बाद प्रोजेक्ट्स के लिए लोन दिया। ऐसे में अब ज्यादा ऊंचाई की बात उठाना और मंजूरी से अलग प्लान की बात करना बेमानी है।
इस पूरे मामले को लेकर इन प्रभावित बिल्डिंगों में रह रहे लोग शाम करीब पांच बजे एयरपोर्ट परिसर के बाहर जमा हुए। लोगों का हुजूम जुटता देख एयरपोर्ट प्रशासन सतर्क हो गया और सुरक्षा घेरे को मजबूत बना दिया। लोगों ने एयरपोर्ट प्रशासन से मिलने की बात कही तो एयरपोर्ट प्रशासन ने हर प्रोजेक्ट से एक प्रतिनिधि को ही अंदर आने की अनुमति दी। बाद में 17 लोगों का प्रतिनिधिमंडल एयरपोर्ट अथॉरिटी से मिला और अपना पक्ष रखा। उन्होंने एयरपोर्ट निदेशक एस.के. पाणिग्रही को पूरा मामला समझाया और बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी तथा डीजीसीए से लगातार नोटिस भेजना गलत है।
जिस वक्त फ्लैट्स खरीदे गए सभी मानकों और लीगल क्लीयरेंस देखे गए थे। एयरपोर्ट निदेशक ने उनसे एक विधिवत रिप्रजेंटेशन देने की मांग की, जिसे डीजीसीए को भेजा जा सके। प्रतिनिधिमंडल रिप्रजेंटेशन तैयार कर दोबारा एयरपोर्ट निदेशक से मिलेंगे। शाम सात बजे तक अन्य लोग एयरपोर्ट के बाहर ही लंगर डाले रहे।
मामले को आगे भेजेंगे
प्रभावित प्रोजेक्ट्स का एक प्रतिनिधिमंडल मिला था। उन्होंने अपना पक्ष रखा है। उनका रिप्रजेंटेशन डीजीसीए को भेजा जाएगा।
एस.के. पाणिग्रही, एयरपोर्ट निदेशक, सूरत एयरपोर्ट अथॉरिटी
Published on:
21 Aug 2018 09:44 pm
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