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ठप पड़े हैं समिति स्कूलों के आरओ प्लांट

सूरत महानगर पालिका की कई स्कूलों में वाटर कूलर भी बंद, विद्यार्थी गंदा पानी पीने को मजबूर

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सूरत. स्वच्छ सूरत सुंदर सूरत का दावा करने वाली सूरत महानगर पालिका की स्कूलों में विद्यार्थियों का स्वास्थ्य खतरे में नजर आ रहा है। स्कूलों में पानी की नेगेटिव रिपोर्ट के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। स्कूलों में आरओ प्लांट तो लगे हैं, लेकिन इनके ठप होने से विद्यार्थी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। राजस्थान पत्रिका की ओर से समिति की विभिन्न स्कूलों में गुरुवार को पड़ताल की गई तो पता चला कि ज्यादातर आरओ प्लांट ठप पड़े हैं।

IMAGE CREDIT: mukesh trivedi

मनपा प्रशासन की पोल खुल गई

सूरत महानगर पालिका शहर को स्वच्छ रखने का दावा करती रहती है। घरों और दफ्तरों में मनपा के अधिकारी पानी के सेम्पल लेने जाते रहते हैं, लेकिन मनपा संचालित स्कूलों में विद्यार्थी दूषित पानी पी रहे हैं। मनपा की कई स्कूलों में पानी की टंकी के सेम्पल लिए गए थे। इनकी रिपोर्ट खुद मनपा के अधिकारियों ने मनपा को सौंपी थी। रिपोर्ट नेगेटिव थी और पानी पीने लायक नहीं होने की सूचना प्रशासन तथा स्कूल, दोनों को दी गई थी। इस पर समिति के प्रमुख हसमुख पटेल ने कहा कि स्कूलों में पानी को स्वच्छ रखने के लिए आरओ प्लांट लगाए गए हैं। राजस्थान पत्रिका की टीम ने समिति की कुछ स्कूलों में पड़ताल की। इसमें समिति और मनपा प्रशासन की पोल खुल गई।

IMAGE CREDIT: mukesh trivedi

शिकायत पर ध्यान नहीं

सूरत महानगर पालिका की स्कूलों के आरओ प्लांट कई दिनों से ठप पड़े हैं। मरम्मत नहीं होने के कारण यह काम नहीं कर रहे हैं। इस वजह से हजारों विद्यार्थी दूषित पानी पी रहे हैं। उधना और पांडेसरा की स्कूल नंबर 223, 224, 207, 208, के आरओ प्लांट लंबे समय से बंद पड़े हैं। स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि इन्हें सर्विस की आवश्यकता है। इसके लिए समिति से शिकायत की गई। सर्विस का खर्च भी बताया गया। समिति को शिकायत किए हुए काफी समय हो गया है। बजट पास हो तो सर्विस करवाने वाले को बुलाया जाए।

IMAGE CREDIT: mukesh trivedi

वाटर कूलर काम नहीं कर रहे

कई समिति स्कूलों में वाटर कूलर लगाए गए हैं। इनकी भी सर्विस नहीं होने के कारण यह काम नहीं कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से वाटर कूलर बंद पड़े हैं। जल्द सर्विस नहीं हुई तो यह पड़े-पड़े खराब हो जाएंगे। समिति की स्कूलों की प्याऊ भी खस्ता नजर आईं। इनके आसपास साफ-सफाई की कमी थी। प्याऊ और पानी दोनों गंदे होने के कारण कई विद्यार्थी घर से पानी लेकर आते हैं।

नहीं जागा प्रशासन
पानी की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी प्रशासन जाग नहीं रहा है। रिपोर्ट नेगेटिव आने पर आरओ प्लांट की जांच की तो पता चला की वह ठप पड़े हैं।
सुरेश सुहागिया, समिति सदस्य, विपक्ष