
RTE ADMISSION : आरटीइ के प्रवेश के लिए बीपीएल कार्ड को लेकर नया विवाद
सूरत.
राइट टू एज्यूकेशन (आरटीइ) के अंतर्गत प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले अभिभावकों की परेशानी बढ़ सकती है। पिता के नाम पर बीपीएल कार्ड होने पर ही विद्यार्थी आरटीइ प्रवेश के लिए मान्य होगा। दादा के नाम पर कार्ड होने पर दिक्कत आ सकती है।
इन दिनों आरटीइ की प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। सूरत में 21 हजार से अधिक अभिभावकों ने आरटीइ प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन किए हैं। इनमें से 14 हजार से अधिक आवेदनों का वेरिफिकेशन हो चुका है। लोकसभा चुनाव के कारण प्रमाण पत्र मिलने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए प्रवेश की समय सीमा 25 अप्रेल तक बढ़ा दी गई है। अब बीपीएल कार्ड को लेकर समस्या हो रही है। पिता के नाम पर ही बीपीएल कार्ड होने के नियम के कारण अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि ज्यादातर अभिभावकों के कार्ड उनके पिता के नाम पर हैं। प्रवेश के लिए उन्हें अपने नाम पर कार्ड बनवाना पड़ेगा।
तरह-तरह के प्रमाण पत्र जुटाना अभिभावकों के लिए पहले से परेशानी का सबब बना हुआ है। आरटीइ के तहत प्रवेश के लिए जो प्रमाण पत्र मांगे जाते हैं, उनमें बीपीएल कार्ड के अलावा निवास स्थान का प्रमाण पत्र, माता-पिता का जाति प्रमाण पत्र, बच्चे और माता-पिता का आधार कार्ड तथा अभिभावकों का आय प्रमाण पत्र शामिल है। अलग-अलग वर्गों के लिए सालाना आय की सीमा भी निर्धारित की गई है। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए सभी स्रोतों से माता-पिता की सालाना आय दो लाख रुपए, ओबीसी के लिए एक लाख रुपए और सामान्य वर्ग के लिए 68 हजार रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
स्कूलों में हलचल शुरू
एक तरफ प्रशासन आरटीइ की प्रवेश प्रक्रिया में जुटा है तो दूसरी तरफ स्कूलों के संचालक इन प्रवेश को लेकर चिंतित हैं। कई अभिभावक फर्जी प्रमाण पत्रों और गलत जानकारी के आधार पर प्रवेश लेने का प्रयास करते हैं। पिछले साल 1400 से अधिक प्रमाण पत्रों को फर्जी पाया गया था। इससे पहले भी कई फर्जी प्रवेश हुए थे। स्कूलों की ओर से शिकायत पर यह फर्जीवाड़ा सामने आया था। इस बार स्कूल ध्यान रख रहे हैं कि उनके यहां होने वाले प्रवेश फर्जी तो नहीं हैं। स्कूल अपनी ओर से अभिभावक और विद्यार्थी की जांच करने की तैयारी में जुट गए हैं।
Published on:
19 Apr 2019 07:22 pm
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