24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

RTE : साल बिगडऩे से बचाने के लिए नहीं देखी आरटीइ प्रवेश की राह

- कई अभिभावकों ने बच्चों का अन्यत्र करवा दिया प्रवेश
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सूरत

•

image

Divyesh Kumar Sondarva

•

Updated: 21 Aug 2018, 7:08 PM IST

patrika

RTE : साल बिगडऩे से बचाने के लिए नहीं देखी आरटीइ प्रवेश की राह

सूरत.

राइट टु एज्युकेशन के चक्कर में साल नहीं बिगड़े, इसलिए कई अभिभावकों ने ज्यादा इंतजार नहीं किया। उन्होंने अपने बच्चों का अन्य स्कूलों में प्रवेश करवा दिया। शैक्षणिक सत्र शुरू होने के दो महीने बाद आरटीइ प्रवेश का दूसरा चरण शुरू हुआ है।
राज्य शिक्षा विभाग नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले आरटीइ प्रवेश पूर्ण करने का दावा रहा था, लेकिन यह दावा खोखला साबित हुआ। पहले चरण की प्रवेश प्रक्रिया स्कूल शुरू होने के बाद तक चली। फिर मामला अदालत में पहुंचने के कारण दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया रोक दी गई, जिससे कई बच्चे प्रवेश से वंचित रह गए। दो महीने बाद 13 अगस्त से दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई। इससे पहले अभिभावकों ने कई बार प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बारे में पूछताछ की थी, लेकिन उन्हें उचित जवाब नहीं मिला। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के चक्कर काट-काटकर अभिभावक परेशान हो गए। दूसरी ओर स्कूल शुरू हो गए। अभिभावकों को लगा कि दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू नहीं हुई तो उनके बच्चों का साल बिगड़ सकता है, इसलिए उन्होंने बच्चों को अन्य स्कूलों में प्रवेश दिलवा दिया।


आरटीइ प्रवेश प्रक्रिया को दो चरणों में विभाजित किया गया था
इस बार आरटीइ प्रवेश प्रक्रिया को दो चरणों में विभाजित किया गया था। पहला चरण जून में पूरा हो गया था। इसमें सूरत कॉर्पोरेशन में 6,301 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। जिन्हें इस चरण में नहीं चुना गया, उन्हें दूसरे चरण का इंतजार करने को कहा गया था। शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बावजूद दूसरे चरण की घोषणा नहीं की गई थी। कई स्कूलों ने खुद को अल्पसंख्यक बताकर आरटीइ प्रवेश के तहत चुने विद्यार्थियों को प्रवेश देने से मना कर दिया। मामला अदालत में पहुंचा तो सूरत जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा था कि आरटीइ प्रवेश का दूसरा चरण कब शुरू होगा, फिलहाल तय नहीं है। इससे सैकड़ों अभिभावक परेशान थे। दो महीने के इंतजार के बाद 13 अगस्त से आरटीइ के दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रवेश के इच्छुक 400 से अधिक विद्यार्थियों में से करीब 140 को स्कूलों में प्रवेश के लिए चुना गया है। अभिभावकों और विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचकर प्रवेश लेने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य शिक्षा विभाग ने दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया 21 अगस्त तक पूर्ण कर लेने के आदेश दिए हैं। दूसरे चरण में चुने गए विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए स्कूलों को भी आदेश दिया गया है।

दूसरे राउण्ड के विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया अटक गई

राज्यभर में सोमवार से शैक्षणिक सत्र 2018-19 का आगाज हो गया। स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो, उससे पहले सरकार ने आरटीइ प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी थी। प्रवेश प्रक्रिया को दो चरणों में विभाजित किया गया था। पहले चरण की प्रवेश प्रक्रिया में कई सारे विवाद सामने आए। इनमें फर्जी प्रमाणपत्र के विवाद के चलते हजारों प्रवेश के आवेदन रद्द कर दिए गए। इसके बाद अल्पसंख्यक स्कूल का विवाद परेशानी का कारण बन गया। कई स्कूलों ने खूद को अल्पसंख्यक स्कूल बताकर आरटीइ प्रवेश देने से साफ मना कर दिया। ऐसे स्कूलों को नोटिस भेजा गया और अल्पसंख्यक का प्रमाणपत्र मांगा गया। आरटीइ में अल्पसंख्यक स्कूल शामिल है या नहीं यह भी प्रश्न बन गया। कई स्कूलों ने माध्यमिक में अल्पसंख्यक होने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। इस पर ऐसे स्कूलों के पास से प्राथमिक में अल्पसंख्यक का दर्जा मिलने का प्रमाणपत्र मांगा गया। विवाद गहराता देख मामला अदालत में पहुंच गया। इस कारण जिन विद्यार्थियों को नंबर अल्पसंख्यक स्कूलों में लगा, उनका प्रवेश तो अटक गया, साथ ही दूसरे राउण्ड के विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया भी अटक गई। क्योंकि प्रवेश का पूरा मामला अदालत में पहुंच गया है। प्रशासन का कहना है कि अदालत के फैसले पर अल्पसंख्यक स्कूल में प्रवेश प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का भविष्य अटका हुआ है। अदालत का फैसला आने के बाद ही उनके प्रवेश की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस कारण दूसरे राउण्ड को रोक कर रखा गया है। दूसरे राउण्ड में पहले राउण्ड के विद्यार्थियों को शामिल भी करना पड़ सकता है। साथ ही दूसरे राउण्ड में भी कई विद्यार्थी ऐसे है जिनका नंबर अल्पसंख्यक स्कूल में लगा हो सकता है। ऐसे में अगर दूसरे राउण्ड की सूची जारी की गई तो मामला अदालत में भी जा सकता है। इसलिए जब तक पहले राउण्ड के प्रवेश का मामला स्पष्ट ना हो, तब तक दूसरे राउण्ड की प्रवेश प्रक्रिया की घोषणा नहीं की जा सकती है।

बड़ी खबरें

View All

सूरत

गुजरात

ट्रेंडिंग