
Russia-Ukraine conflict भारत के लिए रूस में बाजार की बड़ी संभावनाएं
विनीत शर्मा
Russia-Ukraine conflict - Russia और Ukraine के बीच war ने दुनिया को दो धड़ों में बांट दिया है। निरपेक्ष रहते हुए भी भारत ने रशिया के साथ जो समझ बढ़ाई है, उसका लाभ आने वाले दिनों में मिलना तय है। बंटी हुई इस दुनिया में भारत के लिए रूस में बाजार की बड़ी संभावनाएं हैं। रशिया भी भारत पर अपनी निर्भरता बढ़ा रहा है। सूरत समेत भारतीय कारोबारी भी रशिया के बाजार को समझने के लिए वहां के ट्रेंड्स का अध्ययन शुरू कर दिया है।
रशिया की आबादी करीब 14 करोड़ है। अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए रशिया अब तक यूके, यूएस और यूरोपीय देशों पर निर्भर था। यूक्रेन को लेकर रशिया पर भडक़े UK, US और Europe ने जिस तरह से sanction लगाए, रशिया ने भी अपने तेवर ढीले नहीं किए। इसका असर दोनों पक्षों के business relations पर पड़ा है। चीन के साथ भी रशिया के संबंध उतने स्थाई और मधुर नहीं हैं। स्थिति जिस तरह बदली है, भारत के लिए रशिया में कारोबार के नए दरवाजे खुलने की आहट सुनाई देने लगी है।
अपनी food requirements को पूरा करने के लिए रशिया ने भारत पर निर्भरता बढ़ाई है। रशिया के कारोबारियों ने भारतीय कारोबारियों को अपनी खाद्य जरूरतों की पूरी सूची भेजी है, जिसकी वहां बड़ी खपत है। यह लिस्ट भी ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर की जरूरतों को बाइफरकेट करते हुए तैयार की गई है। जैसे-जैसे स्थितियां सामान्य होंगी, भारत के साथ दोनों देशों के कारोबारी रिश्ते और मजबूत होंगे। भविष्य में टैक्सटाइल और डायमंड समेत फूड-फुटवियर इंडस्ट्री के लिए रशिया में कारोबार के बड़े अवसर खुलेंगे। प्लाइवुड, हार्डवेयर, टूल्स, मशीनरी और दूसरी जरूरत भी भारत पूरी कर सकता है। अब तक रशिया की उपभोक्ता जरूरतों को यूके, यूएस और यूरोपीय देश पूरी कर रहे थे।
जानेंगे रशियन पैटर्न
रशिया के साथ कारोबार के लिए फिलवक्त भले फूड इंडस्ट्री पर फोकस हो, भारतीय कारोबारी रशियन पैटर्न को जानने के लिए सर्वे करेंगे। खासकर ज्यूलरी और टैक्सटाइल व गारमेंट इंडस्ट्री वहां के पहनावे और पैटर्न का अध्ययन कर उनकी जरूरतों के हिसाब से उत्पाद तैयार करेंगे।
पैमेंट मैकेनिज्म पर हो रहा काम
भारत और रशिया कारोबार में भुगतान के लिए डॉलर का इस्तेमाल नहीं करने जा रहे। दोनों देशों के बीच रुपए और रूबल में कारोबार होगा। इसके लिए दोनों देशों की सरकारें पैमेंट मैकेनिज्म पर काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में इसका फारमेट तैयार हो जाएगा।
एक्सपोर्ट में दस फीसदी का इजाफा
जानकार मानते हैं कि दोनों देशों के बीच कारोबार ने गति पकड़ी तो आने वाले तीन सालों में भारत-रशिया के बीच ट्रेड में भारत के एक्सपोर्ट में दस-12 फीसदी की बढ़त दिख सकती है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने भी रशिया के बाजार को समझने के लिए वर्कप्लान बनाया है। एक प्रतिनिधिमंडल रशिया जाकर बाजार का सर्वे करेगा। इसमें करीब तीन महीने का समय लगेगा।
बड़ा बाजार बनेगा रशिया
जो परिस्थितियां दिख रही हैं, उनमें तय है कि भारत के लिए रशिया बड़ा बाजार बनेगा। रशिया की जरूरतों को भारत पूरा कर सकता है। हमने अपने सभी चैप्टर को उनकी जरूरतों के मुताबिक रिपोर्ट बनाने के लिए कहा है। हम कई ऐसे संभावित क्षेत्र भी तलाश रहे हैं, जहां रशिया में अपने लिए बाजार देख सकते हैं।
प्रवीण खंडेलवाल, नेशनल जनरल सेके्रटरी, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स
Published on:
17 May 2022 07:38 pm
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